

11 पंडितों के मंत्रोच्चार, महाआरती और रोशनी के संगम से जगमगाया यूनियन चौक, मां आदिशक्ति का भव्य स्वागत
30 मिनट के एलईडी शो और आतिशबाजी ने बांधा समां, आगमन को भव्य धार्मिक आयोजन का स्वरूप देने की पहल बनी कवर्धा में चर्चा का विषय

कवर्धा – मां के आगमन पर आस्था का ऐसा दृश्य, जहां मंत्रोच्चार की गूंज, महाआरती की दिव्यता और रोशनी की चमक एक साथ नजर आई। कवर्धा के यूनियन चौक पर मां आदिशक्ति के स्वागत में यूनियन दुर्गा उत्सव समिति कवर्धा ने इस बार ऐसा आयोजन किया, जिसमें धार्मिक परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। 11 पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच महाआरती और करीब 30 मिनट तक चले एलईडी शो के साथ आतिशबाजी ने आयोजन को खास बना दिया। मां के स्वागत का यह अंदाज शहर में चर्चा का विषय रहा।
मंत्रों की गूंज, महाआरती की दिव्यता और रोशनी का आकर्षण
यूनियन चौक पर मां आदिशक्ति के स्वागत का आयोजन केवल सजावट और आतिशबाजी तक सीमित नहीं रहा। 11 विद्वान पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ महाआरती संपन्न कराई गई। आरती की लौ, मंत्रों की गूंज और श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच रंगीन रोशनी तथा एलईडी शो ने वातावरण को भक्तिमय और आकर्षक बना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आयोजन को देखने पहुंचे। कई श्रद्धालु इस यादगार दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।
विसर्जन के धूमाल से अलग, आगमन को भव्य बनाने की पहल
नवरात्रि के दौरान अक्सर प्रतिमा विसर्जन में धूमाल, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी की भव्यता चर्चा में रहती है। यूनियन दुर्गा उत्सव समिति ने मां के आगमन को ही आकर्षक और यादगार बनाने पर जोर दिया। यह पहल इसलिए भी अलग रही, क्योंकि इसमें आधुनिक रोशनी और आतिशबाजी के साथ धार्मिक अनुष्ठान को आयोजन का प्रमुख हिस्सा बनाया गया। समिति का यह प्रयास स्वागत की परंपरा को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की दिशा में एक अलग पहल के रूप में सामने आया।
पिछले वर्ष के प्रयोग को इस बार मिला विस्तार
समिति ने पिछले वर्ष भी मां दुर्गा के स्वागत में इलेक्ट्रानिक क्रैकर यानी अनारदाना का आयोजन किया था। लोगों से मिली सराहना के बाद इस बार एलईडी शो, रंगीन लाइटों और आतिशबाजी को शामिल कर आयोजन को और व्यापक रूप दिया गया। करीब 30 मिनट तक चले शो ने यूनियन चौक को आकर्षण का केंद्र बनाए रखा। आयोजन के वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा किए गए।
दूसरी समितियों के लिए भी प्रेरणा
कवर्धा में नवरात्रि के दौरान अलग-अलग समितियां आकर्षक पंडालों, प्रतिमाओं और झांकियों के माध्यम से अपनी पहचान बनाती हैं। ऐसे में यूनियन चौक का आयोजन इस बात का उदाहरण बना कि धार्मिक आस्था को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर भी उत्सव को नया स्वरूप दिया जा सकता है। मां आदिशक्ति का भव्य स्वागत श्रद्धा, परंपरा और रचनात्मकता के संगम के रूप में सामने आया।






