1200 से अधिक पेड़ लगाने वाले पर्यावरण प्रहरी अवध राम साहू को विश्व पर्यावरण दिवस पर श्रद्धांजलि 18 वर्ष की उम्र से शुरू किया था वृक्षारोपण अभियान, साइकिल से घूम-घूमकर लगाए नीम, पीपल, बरगद, इमली और आम के सैकड़ों वृक्ष
कवर्धा ख़बर योद्धा ।। कबीरधाम जिले के ग्राम कामाडाबरी के निवासी स्वर्गीय अवध राम साहू ने अपने जीवन को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए समर्पित कर एक ऐसी मिसाल कायम की, जिसे आने वाली पीढ़ियां लंबे समय तक याद रखेंगी। 82 वर्ष की आयु में 19 नवंबर 2024 को उनके निधन के बाद भी उनके द्वारा लगाए गए हजारों वृक्ष आज लोगों को छाया, फल और स्वच्छ प्राणवायु प्रदान कर रहे हैं। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कार्यों को याद किया।
अवध राम साहू ने महज 18 वर्ष की उम्र से वृक्षारोपण का अभियान शुरू किया था। पर्यावरण के प्रति उनके समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में 1200 से अधिक छायादार और फलदार पौधे रोपे। इनमें नीम, पीपल, बरगद, इमली और आम जैसे वृक्ष प्रमुख हैं। वर्षों की मेहनत और देखभाल के बाद ये पौधे आज विशाल वृक्षों का रूप ले चुके हैं और क्षेत्र की पहचान बन गए हैं।
ग्राम कामाडाबरी की सड़क के दोनों ओर लगाए गए आम के सैकड़ों वृक्ष आज राहगीरों को घनी छाया और स्वादिष्ट फल उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं ग्राम खदौड़ा के जंगल स्थित बड़े तालाब के आसपास लगाए गए वृक्षों ने क्षेत्र के पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के साथ-साथ जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तालाब के चारों ओर फैली हरियाली स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार अवध राम साहू केवल पौधे लगाकर अपना दायित्व पूरा नहीं मानते थे। वे प्रतिदिन साइकिल से 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय कर पौधों की देखभाल करने पहुंचते थे। उनके पास हमेशा कुदाल, हंसिया, पानी का डिब्बा और पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सामग्री रहती थी। पशुओं से पौधों को बचाने के लिए वे स्वयं कांटेदार बाड़ तैयार करते थे। यही कारण है कि उनके लगाए अधिकांश पौधे आज बड़े वृक्ष बन चुके हैं।

स्थानीय ग्रामीण काशीराम उइके, क्षेत्रीय नेता विदेशी राम धुर्वे, वृक्षारोपण प्रेमी मोहन कश्यप, ईश्वर प्रसाद शर्मा, बोडला नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल, पंडरिया के मोहन सिंह राजपूत एवं उनकी टीम तथा कवर्धा की हरीतिमा टीम ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने कहा कि अवध राम साहू का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके द्वारा लगाए गए वृक्ष उनकी जीवंत स्मृति हैं, जिन्हें संरक्षित रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ग्रामीणों ने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को आगे बढ़ाने की अपील भी की।

व्यक्ति का संकल्प बदल सकता है क्षेत्र की पहचान यदि व्यक्ति कुछ कर गुजरने का संकल्प ले तो पूरे क्षेत्र की पहचान बदल सकता है l ऐसे ही अवध राम साहू ने यह साबित किया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि बड़े इरादों की जरूरत होती है। आज उनके लगाए 1200 से ज्यादा वृक्ष उनकी सबसे बड़ी विरासत बनकर आने वाली पीढ़ियों को जीवन दे रहे हैं।


