मुक्तिधाम को बनाया आशियाना शिकायत लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण, बहेराखार में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, जांच की मांग तेज

मुक्तिधाम को बनाया आशियाना शिकायत लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण, बहेराखार में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, जांच की मांग तेज

 

कवर्धा,रेंगाखार कला, खबर योद्धा ।। कबीरधाम जिले के ग्राम बहेराखार में शासकीय जमीनों पर अवैध अतिक्रमण और फर्जी रजिस्ट्री के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामवासियों ने इस संबंध में प्रशासन को शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 

शिव कुमार मारकंडे, धन सिंह , साधु राम ने शिकायत में बताया गया है कि बहेराखार बांध के पास स्थित शासकीय भूमि, आदिवासी मुक्तिधाम, सतनामी समाज के श्मशान घाट, निस्तारी सड़क, गौठान तथा जल संसाधन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। आरोप है कि मेसर्स मौश्वर्या इंफा. प्रो. प्रा. लिमिटेड की संचालक स्वाति लड्डा द्वारा इन स्थानों पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां तक कि मुक्तिधाम मंच को पक्का कर आवासीय उपयोग में लेने और मुख्य मार्ग पर भी कब्जा करने की बात कही गई है, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है।

 

ग्रामीणों के अनुसार, बहेराखार, निवासपुर और पंडरिया को जोड़ने वाला प्रमुख निस्तारी मार्ग भी कब्जे की जद में है। इसके अलावा गौठान और बांध क्षेत्र में करीब 200 मीटर तक अंदर घुसकर तार फेंसिंग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

 

मामले में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में गांव के 16 किसानों द्वारा लगभग 60 से 65 एकड़ जमीन शंकराचार्य बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्रा. लि. को बेची गई थी। इनमें से कई जमीनें शासन द्वारा जीविकोपार्जन के लिए आबंटित थीं, जिनकी रजिस्ट्री नियमों के तहत संभव नहीं है। बावजूद इसके, राजस्व अमले और भू-माफियाओं की मिलीभगत से फर्जी तरीके से रजिस्ट्री किए जाने का आरोप लगाया गया है।

 

शिकायत में कहा गया है कि वर्तमान में संबंधित कंपनी के नाम पर करीब 95.40 एकड़ जमीन रिकॉर्ड में दर्शाई जा रही है, जो पूरी तरह संदिग्ध है। ग्रामीणों ने 37 खसरों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

 

ग्रामवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि सभी दस्तावेजों की जांच कर मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, अवैध रजिस्ट्री निरस्त की जाए और शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बोड़ला और तहसीलदार रेंगाखार कला को भी भेजी गई है।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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