यदि नक्सल समाप्त हो गया तो सचिन तेंदुलकर के दौरे में सुरक्षा का हवाला देकर कटौती क्यों की गयी ?
सरकार के अंदर का नक्सल खौफ अभी निकला नहीं है?
रायपुर खबर योद्धा विद्या भूषण दुबे।। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के बस्तर संभाग दौरे के दौरान राज्य सरकार के द्वारा उनके कार्यक्रमों में कटौती बताती है कि सरकार के अंदर का नक्सल खौफ अभी तक निकला नहीं है।

सचिन तेंदुलकर के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उनको छिंदनार, गीदम और जावंगा तथा पनेड़ा जाना था लेकिन उनके दौरे के दिन सरकार ने सिर्फ छिंदनार के कार्यक्रम को अनुमति दिया है। तेंदुलकर के साथ मुख्यमंत्री साय का भी बस्तर संभाग के कार्यक्रम में शामिल होना था, उसे भी रद्द कर दिया गया। बताते है कि सुरक्षा कारणों से कार्यक्रमों में परिवर्तन किया गया है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि सरकार ने तो दावा किया कि छत्तीसगढ़ से 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद समाप्त हो गया है, फिर देश के इतने बड़े खिलाड़ी को बस्तर में निशि्ंचत होकर कार्यक्रम क्यों नहीं करने दिया जा रहा है? सरकार को किस बात का भय सता रहा है? 99.9 प्रतिशत नक्सल सफाया का बयान देने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री, सचिन तेंदुलकर को अपने साथ बस्तर ले जाने में क्यों डर रहे है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि 31 मार्च 2026 से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद खत्म करने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश के लीजेंड खिलाड़ी को सुरक्षा नहीं दे पा रही है। सुरक्षा कारणां के कारण मुख्यमंत्री भी उनके साथ जाने में हिचकिचा रहे है। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म हो जाना यह दावा सिर्फ कागजों तक है, इतने बड़े खिलाड़ी को सुरक्षा नहीं और उनके निर्धारित कार्यक्रम को चेंज कर रहे तो यह सरकार की वास्तविक हकीकत है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि सरकार के नक्सल समाप्ति के दावे के बाद प्रदेश एवं देश के अन्य हिस्सों से लोग बस्तर के सुदूर क्षेत्रों की खूबसूरती देखने जाना चाहते है। सरकार के इस रवैये के बाद लोगों में वहां जाने में भय उत्पन्न हो रहा। क्या सरकार बस्तर जाने वालों की सुरक्षा की पूरी गारंटी देगी? या फिर उनका नक्सल समाप्ति का बयान केवल इवेंट था।
