धान खरीदी में 81.19 लाख की गड़बड़ी, तीन उपार्जन केंद्रों के प्रबंधक समेत 8 पर एफआईआर मुख्य आरोपी के घर से 16 लाख नकद, बैंक पासबुक, लैपटॉप और सीपीयू जब्त; सभी आरोपी फरार
कवर्धा खबर योद्धा।। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी और बारदानों के रखरखाव में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। संयुक्त जांच दल की जांच में शासन को 81 लाख 19 हजार 502 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने की पुष्टि होने के बाद लोहारा पुलिस ने तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर समिति प्रबंधक सहित आठ आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी के घर की तलाशी लेकर करीब 16 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों की पासबुक, लैपटॉप और सीपीयू जब्त किए हैं। हालांकि मुख्य आरोपी समेत सभी नामजद आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार जिला सहकारी बैंक मर्यादित राजनांदगांव की सहसपुर लोहारा शाखा के प्रबंधक संतोष कुमार गंधर्व ने 24 जून 2026 को थाना लोहारा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान उपार्जन केंद्रों में धान एवं खाली बारदानों के रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच में समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा मिलीभगत कर अमानत में खयानत करते हुए शासन को 81.19 लाख रुपये की आर्थिक हानि पहुंचाने का मामला सामने आया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5) एवं 3(5) के तहत तीन अलग-अलग अपराध दर्ज किए हैं। अपराध क्रमांक 79/26 में समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी बलदाऊ डडसेना और कंप्यूटर ऑपरेटर बिहारीराम साहू, अपराध क्रमांक 80/26 में गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी तुकाराम साहू एवं कंप्यूटर ऑपरेटर पीलूराम साहू तथा अपराध क्रमांक 81/26 में गंगादास मानिकपुरी और कंप्यूटर ऑपरेटर महावीर साहू को आरोपी बनाया गया है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी गंगादास मानिकपुरी के निवास पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। तलाशी के दौरान पुलिस ने घर से लगभग 16 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों की पासबुक, लैपटॉप और सीपीयू जब्त किए। पूछताछ में परिवार के सदस्य नकदी के स्रोत के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। पुलिस अब जब्त दस्तावेजों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना तंत्र सक्रिय कर दिया गया है और मामले की विवेचना के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




