एफआईआर में नाम आने पर भड़का बजरंग दल,
कोतवाली परिसर में दिया धरना
तीन दिन में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी, सागर साहू बोले- घटनास्थल पर नहीं था, फिर भी नाम जोड़ा गया
कवर्धा खबर योद्धा।। कवर्धा में रविवार रात हुए एक मारपीट और लूट के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मंगलवार को बजरंग दल के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर में प्रदर्शन करते हुए एफआईआर में पूर्व जिला संयोजक सागर साहू का नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई। चार घंटे चले शांतिपूर्ण धरने में कार्यकर्ताओं ने तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

हमारे साथ भी हुई मारपीट, कार्रवाई एकतरफा न हो: प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिस रात चंद्रायन अस्पताल के पास विवाद हुआ, उसमें उनके सदस्य भी घायल हुए थे। एक युवक की उंगली काटे जाने और एक अन्य के पीठ पर गंभीर चोट के निशान बताए गए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब वे खुद शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, तो उल्टे उनके नेता सागर साहू पर ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।
सागर साहू ने दी सफाई, बोले- थाने में था, घटनास्थल पर नहीं
सागर साहू ने प्रदर्शन के दौरान साफ किया कि वह घटना के वक्त मौके पर नहीं, बल्कि थाने में मौजूद था। उन्होंने बताया कि उन्हें उनके साथियों ने फोन पर घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद वे थाने पहुंचे। साहू ने कहा कि वे स्वयं अधिवक्ता हैं और उनके पिता भी वकील हैं, ऐसे में हिंसा से उनका कोई सरोकार नहीं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
संगठन में दिखा नेतृत्व का अभाव
धरने में जहां कार्यकर्ताओं की संख्या काफी थी, वहीं बजरंग दल के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी मौके से नदारद रहे। इससे संगठन में मतभेद की चर्चा तेज होने लगी। चार घंटे तक कार्यकर्ता कोतवाली परिसर में डटे रहे, लेकिन स्पष्ट नेतृत्व की कमी महसूस की गई।
पहले चंद्रवंशी समाज ने किया था विरोध
इससे पहले आनंद चंद्रवंशी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट कर गले से सोने की चेन और वॉलेट लूट लिया।
डीएसपी बोले – जांच जारी
कवर्धा डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर ने बताया कि मामले में प्राप्त शिकायत पर जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से मिले बयान, साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
हथियारबंद धमकी की नई शिकायत
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पुरन पाली नामक व्यक्ति ने दावा किया कि कुछ हथियारबंद युवक उनके घर पहुंचे और जान से मारने की धमकी दी। यह जानकारी उन्हें परिजनों से मोबाइल पर मिली। यदि यह दावा सही पाया गया, तो जांच का दायरा और गहराएगा।
पुलिस के लिए चुनौती
अब जब दोनों पक्ष थाने में अपनी बात रख चुके हैं, पुलिस के सामने निष्पक्ष जांच कर संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है। तीन दिन के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।
