राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज
रायपुर खबर योद्धा विद्या भूषण दुबे।। भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर दोनों दलों की आधिकारिक उम्मीदवार सूची और आगामी राजनीतिक रणनीति पर टिकी हुई है। बताते चलें कि छत्तीसगढ़ की दो सीटें राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते इन सीटों पर चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 5 मार्च तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद तय समय-सीमा में जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी, जबकि 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा।
जहां तक उम्मीदवारो की बात है तो भारतीय जनता पार्टी के सियासी गलियारों में सरोज पांडेय, संयोगिता सिंह जूदेव,और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे की चर्चा जोरो पर हैं। चूंकि बीजेपी को प्रयोगधर्मी पार्टी माना जाता है ऐसे में पवन साय या फिर पूर्णेन्दु सक्सेना जैसे अप्रत्याशित नाम सामने आ जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है। यद्यपि सरोज पांडेय का अपना एक अलग जनाधार है। जूदेव परिवार का क्षेत्रीय प्रभाव, सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पार्टी रणनीति बना सकती है।
यदि कांग्रेस की बात की जाए तो विधानसभा चुनाव के समय से कांग्रेस दो धड़ो में बटा दिखाई देता है। ऐसे हालात में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव , मोहम्मद अकबर और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नाम चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि पार्टी सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधते हुए उम्मीदवारों का चयन कर सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान द्वारा ही लिया जाएगा।
पिछले राज्यसभा चुनाव में बाहरी नेताओं को भेजे जाने को लेकर कांग्रेस को आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसलिए इस बार स्थानीय नेताओं को उम्मीदवार बनाया जा सकता हैं। यद्यपि यह सब चर्चाओं में है हकीकत तो उम्मीदवारी घोषित होने पर ही सामने आएगी।
