अवकाश लिए , वेतन भी लिए परंतु अवकाश बैलेंस में कोई कटौती नहीं, शक के दायरे में BEO स्टाफ
ख़बरयोद्धा विद्याभूषण दुबे – कवर्धा । शिक्षा विभाग विगत कुछ महीनों से चर्चा का विषय बना । कवर्धा विकास खंड 2 अरब से अधिक के वित्तीय मामले में दो लिपिक और एक व्याख्याता पहले से निलंबित है। अभी यह मामला थमा नहीं है कि बोड़ला और सहसपुर लोहारा विकास खंड कार्यालय चर्चा में है।

बताया जाता है कि सहसपुर लोहारा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में कर्मचारियों के अवकाश रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितता सामने आई है। ऑडिट टीम की जांच में खुलासा हुआ कि कर्मचारियों ने अर्जित अवकाश (ईएल) और चिकित्सा अवकाश (एमएल) लिया, उन दिनों का वेतन भी प्राप्त किया, लेकिन सेवा पुस्तिका में उनके लीव बैलेंस से छुट्टियां घटाई ही नहीं गईं। ऑडिट टीम ने सैंपल जांच के दौरान आठ कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में सभी आठ मामलों में गड़बड़ी मिली। कर्मचारियों के अवकाश की प्रविष्टि न तो सही तरीके से सेवा पुस्तिका में दर्ज की गई और न ही अवकाश अकाउंट में कटौती इंद्राज किया गया है।
नियमानुसार कर्मचारी के अवकाश की प्रविष्टि उपस्थिति पंजी और सेवा पुस्तिका दोनों में दर्ज होना अनिवार्य है। इसी आधार पर कर्मचारी का अवकाश शेष तय किया जाता है परंतु बीईओ कार्यालय में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित शाखा लिपिक की भूमिका से कतई इंकार नहीं किया जा सकता।मिलीभगत के कारण कर्मचारियों का लीव बैलेंस रिकॉर्ड में जस का तस बना रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए ऑडिट टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को निर्देश जारी कर कहा है कि 1 जुलाई 2018 के बाद संविलियन हुए सभी कर्मचारियों के अर्जित, चिकित्सा और संतान पालन अवकाश की जानकारी उपस्थिति पंजी के आधार पर संबंधित संस्था प्रमुख एवं कर्मचारी के हस्ताक्षर सहित सेवा पुस्तिका में अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।
वर्जन- पूर्व में ऑडिट टीम की ओर से मेल प्राप्त हुआ था। रिपोर्ट भेजी गई है या नहीं, इसकी जानकारी रिकॉर्ड देखकर ही दी जा सकेगी।
प्रभारी बीईओ देवेन्द्र साहू स.लोहारा
