करैत सर्पदंश से पीड़ित 9 माह की मासूम को जिला अस्पताल ने दिया नया जीवन
समय पर उपचार और चिकित्सकों की तत्परता से बची बच्ची की जान
कवर्धा खबर योद्धा ।। कबीरधाम जिले में करैत जैसे अत्यंत विषैले सर्प के दंश से पीड़ित 9 माह की मासूम बच्ची को जिला अस्पताल की चिकित्सा टीम ने समय पर उपचार देकर जीवनदान दिया। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची बच्ची का चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया और लगातार निगरानी के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली 9 माह की बच्ची को करैत सांप ने काट लिया था। शुरुआत में परिजन सर्पदंश की गंभीरता को समझ नहीं पाए, लेकिन कुछ ही समय बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। वह सुस्त होने लगी और शरीर में कमजोरी के लक्षण दिखाई देने लगे। स्थिति गंभीर होती देख परिजनों ने बिना देर किए बच्ची को जिला चिकित्सालय कबीरधाम पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार प्रारंभ किया। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीके तुरे के मार्गदर्शन में चिकित्सा अधिकारी डॉ. त्रिभुवन जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने बच्ची की जांच कर सर्पदंश प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार शुरू किया।
बच्ची को एंटी स्नेक वेनम सहित आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं दी गईं। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने कई घंटों तक लगातार बच्ची की निगरानी की। उसकी श्वसन क्रिया, हृदय गति और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों पर नजर रखी गई। स्वास्थ्य टीम के अथक प्रयासों से बच्ची की हालत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा और वह खतरे से बाहर हो गई।
बच्ची के सुरक्षित होने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। परिवार ने जिला अस्पताल की चिकित्सा टीम और विशेष रूप से डॉ. त्रिभुवन जायसवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले उपचार से उनकी बेटी को नया जीवन मिला।
सर्पदंश में समय पर उपचार ही जीवनरक्षक
डॉ. त्रिभुवन जायसवाल ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, टोना-टोटका या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि समय पर दिया गया चिकित्सकीय उपचार ही सर्पदंश के मामलों में जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।



