
रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की किस्त, राधिका बाई के लिए त्योहार की खुशी हुई दोगुनी

कबीरधाम।। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का त्योहार है। इस बार कबीरधाम जिले के ग्राम राजानवागांव निवासी श्रीमती राधिका बाई के लिए यह त्योहार कुछ और खास बन गया है। महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त उन्हें रक्षाबंधन से पहले प्राप्त हुई है। जिससे वे राखी और मिठाई खरीदकर परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मनाने की तैयारी कर रही हैं। हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपए की यह राशि उनके लिए आर्थिक सहारे के साथ-साथ त्योहार की खुशियों में अपनी ओर से योगदान देने का अवसर भी लेकर आई है। इसी खुशी को जाहिर करते हुए राधिका बाई कहती हैं “विष्णु भइया हर महीना ल तिहार जइसन बना देथें।”

राधिका बाई अपने पति के साथ खेती और मजदूरी कर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करती हैं। मौसम के अनुसार वे भुट्टा बेचकर भी अतिरिक्त आय अर्जित करती हैं। सीमित आय के बीच महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपए की राशि उनकी छोटी-छोटी जरूरतों और घरेलू खर्चों में सहारा बन रही है। रक्षाबंधन से पहले मिली 30वीं किस्त ने उनकी खुशी और बढ़ा दी है।
इस राशि से वे राखी और मिठाई खरीदकर परिवार के साथ त्योहार मनाने की तैयारी कर रही हैं। खुशी जाहिर करते हुए राधिका बाई कहती है, ए बार राखी के तिहार घलो हे। किस्त राखी से पहिली आ गे हे, अब हमन राखी अउ मिठाई खरीदबो। हमर विष्णु भइया ल घलो राखी तिहार के बहुत-बहुत बधाई। जेन हा अपन बहिनी मन के चिंता करथे। वे बताती हैं कि योजना की राशि सीधे खाते में आने से छोटी जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी कम हुई है। विष्णु भइया हमन दीदी मन के लिए बहुत बढ़िया योजना लेके आए हे। हर महीना एक हजार रुपया मिलथे, अउ ये पैसा हमर बहुत काम आथे।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी जरूरतों और घरेलू खर्चों में सहयोग कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। राधिका बाई के लिए यह राशि आर्थिक सहारे के साथ रक्षाबंधन की खुशियों में अपनी भागीदारी निभाने का माध्यम भी बनी है। अपनी खुशी को सहज शब्दों में व्यक्त करते हुए राधिका बाई कहती हैं, विष्णु भइया हर महीना ल तिहार जइसन बना देथें।

