रानीदहरा फिर बना मौत का जलप्रपात: अज्ञात युवती का शव मिला, बीते वर्षों में 10 से अधिक मौतें, सुरक्षा पर सवाल

रानीदहरा फिर बना मौत का जलप्रपात: अज्ञात युवती का शव मिला, बीते वर्षों में 10 से अधिक मौतें, सुरक्षा पर सवाल

 

कवर्धा खबर योद्धा।। बोड़ला क्षेत्र का प्रसिद्ध रानीदहरा जलप्रपात एक बार फिर सनसनीखेज घटना का केंद्र बन गया है। गुरुवार सुबह यहां झरने के नीचे पानी में एक अज्ञात युवती का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह वही स्थल है, जहां बीते कई वर्षों में 10 से अधिक लोगों की डूबने और हादसों में जान जा चुकी है, लेकिन सुरक्षा के ठोस इंतजाम अब तक नहीं हो सके हैं। लगातार सामने आ रही घटनाएं इस जलप्रपात को खतरनाक क्षेत्र के रूप में स्थापित कर रही हैं और ताजा घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों और वन विभाग की टीम ने सुबह झरने के नीचे पानी में शव तैरते देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकालकर कब्जे में लिया। मृतका की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है, लेकिन अब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमार्टम और शिनाख्त के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला के फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है।

 

पहचान अज्ञात, जांच में जुटी पुलिस

थाना प्रभारी रूपक शर्मा ने बताया कि अज्ञात युवती का शव झरने में तैरते हुए मिला है। पुलिस द्वारा अज्ञात मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। मृतका की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

1 किमी पैदल पहुंची टीम, मशक्कत से निकाला शव

घटनास्थल तक पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस को लगभग एक किलोमीटर नदी के रास्ते पैदल चलकर झरने तक पहुंचना पड़ा। कठिन परिस्थितियों में पंचनामा कार्रवाई पूरी कर जवानों ने शव को बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाया।

 

72 घंटे पुराना हो सकता है मामला

स्थानीय जानकारों के अनुसार पानी में डूबने के मामलों में शव अक्सर 48 से 72 घंटे बाद ऊपर आता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह घटना करीब तीन दिन पुरानी हो सकती है। हालांकि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।

 

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी रूपक शर्मा व टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अज्ञात मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

 

हादसों का केंद्र बना रानीदहरा

रानीदहरा जलप्रपात बीते वर्षों में कई हादसों का गवाह बन चुका है। यहां डूबने, फिसलने और तेज बहाव में बहने से 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और निगरानी के अभाव में हर साल जोखिम बना रहता है, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं।

 

स्थानीयों की मांग—स्थायी सुरक्षा व्यवस्था हो

लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से स्थायी पुलिस तैनाती, नियमित पेट्रोलिंग और खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की मांग की है। फिलहाल पुलिस मृतका की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

error: Content is protected !!