रेंगाखार के कक्ष क्रमांक 103 बोदलपानी में कटाई की सूचना से उठे सवाल; मौके की स्थिति, वन विभाग के अभिलेख और निगरानी व्यवस्था का मिलान कराने की मांग

रेंगाखार के कक्ष क्रमांक 103 बोदलपानी में कटाई की सूचना से उठे सवाल; मौके की स्थिति, वन विभाग के अभिलेख और निगरानी व्यवस्था का मिलान कराने की मांग

कवर्धा खबर योद्धा।। कवर्धा वनमंडल के रेंगाखार वन परिक्षेत्र अंतर्गत कक्ष क्रमांक 103 बोदलपानी में सैकड़ों पेड़ों की कटाई की सूचना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—मौके पर पेड़ों की जो स्थिति दिखाई दे रही है, क्या वन विभाग के सरकारी अभिलेख भी उसी वास्तविकता को दर्ज करते हैं? यदि कटाई हुई है, तो उसका रिकॉर्ड कहां है, विभाग को इसकी जानकारी कब मिली और कार्रवाई की स्थिति क्या है? इन बिंदुओं की जांच से ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

ठूंठों की गिनती और रिकॉर्ड का मिलान जरूरी

वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की वास्तविकता जानने के लिए केवल मौखिक जानकारी पर्याप्त नहीं है। संबंधित कक्ष का भौतिक निरीक्षण कर कटे पेड़ों की संख्या, प्रजाति, ठूंठों की स्थिति और प्रभावित क्षेत्र का आकलन किया जाना चाहिए। इसके बाद उपलब्ध विभागीय अभिलेखों, निरीक्षण रजिस्टर और वन अपराध से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया जाए। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि कटाई की जानकारी विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं। यदि अनुमति के तहत कोई कटाई हुई है, तो संबंधित स्वीकृति और कार्यवाही का विवरण भी सामने आना चाहिए।

निगरानी व्यवस्था की भी हो जांच

वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए मैदानी कर्मचारियों की गश्त और अधिकारियों के निरीक्षण की अहम भूमिका होती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि संबंधित कक्ष में नियमित निगरानी कब-कब हुई, किसी कर्मचारी ने कटाई की सूचना दर्ज की या नहीं और मामला सामने आने के बाद क्या कदम उठाए गए। वनरक्षक, संबंधित अधिकारी और निगरानी व्यवस्था की भूमिका तथ्यों के आधार पर जांची जानी चाहिए। बिना जांच किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

लकड़ी की स्थिति भी जांच का अहम हिस्सा

कटे पेड़ों की लकड़ी मौके पर उपलब्ध है या वहां से हटाई जा चुकी है, इसकी भी जांच जरूरी है। लकड़ी के परिवहन, जब्ती और वन अपराध प्रकरण से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल से कटाई की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। यदि अवैध कटाई की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

कक्ष क्रमांक 103 बोदलपानी में पेड़ों की कटाई के मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। मौके की स्थिति और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा। अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

error: Content is protected !!