तेज बहाव में फंसी 25 यात्रियों से भरी माजदा वाहन, ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
पंडरिया /कबीरधाम/ खबर योद्धा।। जिले के वनांचल क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़क एवं पुल व्यवस्था की पोल खोल दी। गुरुवार शाम विकासखंड पंडरिया के ढोलढोली रपटे पर तेज बहाव के बीच 20 से 25 यात्रियों से भरी एक एसएमएल माजदा बीच धार में फंस गई। वाहन में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे भी सवार थे। समय रहते ग्रामीणों की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के चलते ढोलढोली रपटे पर पानी का बहाव काफी तेज था। इसी दौरान यात्रियों से भरी एसएमएल माजदा रपटे को पार करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन बीच धार में पहुंचते ही वाहन फंस गया। अचानक वाहन रुकने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। तेज बहाव की परवाह किए बिना ग्रामीणों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। काफी मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। ग्रामीणों की तत्परता से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
हर साल जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर ग्रामीण
ढोलढोली रपटा छिंदीडीह, सारपानी, भाकुर, पीपरटोला, सेंदुरखार और देवान पटपर सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन हजारों ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। लेकिन मानसून के दौरान रपटे पर पानी का तेज बहाव होने से आवागमन प्रभावित हो जाता है और लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।
लंबे समय से पुल निर्माण की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में ढोलढोली रपटे पर ऐसी ही खतरनाक स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीण लंबे समय से यहां ऊंचे पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि बारिश के दिनों में आवागमन सुरक्षित हो सके।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से संवेदनशील रपटों पर बरसात के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने तथा ढोलढोली रपटे पर शीघ्र स्थायी पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं किया गया तो भविष्य में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।



