केंद्रीय विद्यालय अपने कर्मचारियों के वेतन से बिजली बिल काटता रहा, विद्युत विभाग ने कर्मचारियों को लाखों रुपए बिजली बिल जमा करने का थमाया नोटिस

केंद्रीय विद्यालय अपने कर्मचारियों के वेतन से बिजली बिल काटता रहा, विद्युत विभाग ने कर्मचारियों को लाखों रुपए बिजली बिल जमा करने का थमाया नोटिस

 

रायपुर , विद्या भूषण दुबे-  खबर योद्धा ।। रेल्वे प्रशासन के WRS कालोनी में निवासरत केंद्रीय विद्यालय की शिक्षक शिक्षिकायें विगत कुछ महीनों से अपने विभाग और रेलवे विभाग के दो पाटों के बीच में पीस रहे हैं। दरअसल पूरा मामला बिजली बिल भुगतान को लेकर है। मामला कुछ यूं है कि दपुम रेलवे विद्युत विभाग ने केंद्रीय विद्यालय के 6 कर्मचारियों को लाखो रुपये तक बिल जमा करने का नोटिस जारी किया है।

 

इतना ही नहीं 23 अप्रेल तक बिल जमा नहीं किए जाने की दशा में कनेक्शन काट दिए जाने की चेतावनी भी दी गई है। अब इस भीषण गर्मी में कनेक्शन कटौती के डर से कर्मचारी सहमे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों का कहना है कि विद्यालय के एकाउंट शाखा के द्वारा प्रति महीने बिजली बिल के लिए 500 ₹ (पांच सौ रुपये) हर महीने काटा जा रहा है। नवोदय विद्यालय के कर्मचारियों के वेतन से बिजली बिल की कटौती की परंपरा कई दशकों से चली आ रही है।

    वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों के वेतन से बिजली बिल कटौती से अनजान दपुम रेलवे विद्युत विभाग ने जिन 6 कर्मचारियों को नोटिस भेजा है उनमें आवासगृह क्रमांक 3/2 के कुमारी गुड्डी को सर्वाधिक एक लाख छै हज़ार पांच सौ छत्तीस ₹ 1,06,536 रुपये 23 अप्रेल तक जमा करना है। जबकि आवासगृह क्रमांक 3/3 में निवासरत अजय कुमार यादव को छियानबे हजार नौ सौ बियानबे रुपए जमा करने का नोटिस जारी किया गया है।

 इसी प्रकार से आवासगृह क्रमांक 3/6 सुनीता मिंज को 27667 ₹ , आवासगृह क्रमांक 3/8 बी पी चंद्राकर को 51, 526 ₹ , आवासगृह क्रमांक 3/5 यशवंती साहू को 11,183 रुपये 23 अप्रेल तक जमा करने का फरमान जारी हुआ है। सबसे कम शिवानी चौहान आवास क्रमांक 2/2 को 6 किश्तों 5,318 ₹ और आवास क्रमांक 3/5 के निवासी यशवंती साहू को 11,183 ₹ बिजली का बिल जमा करना है।

 

    बताया जाता है कि WRS कालोनी के लगभग 21 शासकीय आवासगृह में केंद्रीय विद्यालय के कर्मचारी कई दशकों से निवास करते आ रहे हैं। इन कर्मचारियों का बिजली बिल इनके वेतन से प्रतिमाह 500 ₹ से काटा जा रहा है। सूत्रों की माने तो कर्मचारियों के वेतन से बिजली बिल कटौती केंद्रीय विद्यालय के निर्माण वर्ष 1982 से की जा रही है। 

    अब जांच का विषय ये है कि जब बिजली का बिल कर्मचारियों के वेतन से काटा जा रहा था तो फिर केंद्रीय विद्यालय के लेखा शाखा द्वारा बिजली का बिल जमा क्यों नहीं किया गया ? दूसरी बात मार्च महीने में 4 कर्मचारियों को और अप्रेल महीने में केवल 6 कर्मचारियों को नोटिस क्यों जारी किया गया ? आखिरकार केंद्र सरकार से केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य को ऐसा कौन सा अधिकार प्राप्त है जिसके तहत मातहत कर्मचारियों के वेतन से बिजली बिल के लिए मात्र 500 ₹ काटा जाता रहा है ? जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए, क्वाटर छोड़कर चले गए उनके वेतन से काटे गए पैसे कहा है ? किनके पास और कौन से खाता में है ? कर्मचारियों के वेतन से बिजली बिल कटौती से क्या रेल्वे विभाग के अधिकारी क्या वास्तव में अनजान हैं ? ये सब जांच का विषय है। इस खेल में कोई बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता। 

    बहरहाल केंद्रीय विद्यालय क्रमांक एक के प्राचार्य से 077122 52400 में संपर्क करने का प्रयास किया गया। साथ ही रेलवे के डीआरएम और सीनियर डीआरएम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया जा रहा है।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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