वनांचल में स्वास्थ्य पहुंच: रेंगाखार निःशुल्क सोनोग्राफी ,
82 गर्भवती महिलाएँ लाभान्वित
कवर्धा खबर योद्धा।। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कवर्धा खबर योद्धा।। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेँगाखार में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी शिविर और रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह पहल उन दूरस्थ व वन क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सीमित रहती है।रेँगाखार में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी शिविर और रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह पहल उन दूरस्थ व वन क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सीमित रहती है।
निःशुल्क सोनोग्राफी – मातृ सुरक्षा को मजबूती
शिविर में82 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की गई।

इससे हाई-रिस्क मामलों की समय पर पहचान, प्रसव पूर्व देखभाल और आवश्यकता अनुसार चिकित्सीय हस्तक्षेप सुनिश्चित हो सका।
चिकित्सकों ने प्रसव पूर्व सावधानियाँ, पोषण, एनीमिया रोकथाम और संस्थागत प्रसव के महत्व की जानकारी भी प्रदान की।
स्वास्थ्य सेवा की व्यापक पहुंच
शिविर में 104ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच (ओपीडी) की गई।
गाँवों से पहुंचे सभी लोगों को तत्काल दवाइयाँ, परामर्श और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई गई।
वनांचल के गांवों को प्रत्यक्ष लाभ
सोनोग्राफी और स्वास्थ्य सेवाओं का , चिल्फी, रेंगाखार, सेक्टर आदि वन क्षेत्रों की महिलाओं को मिला।
लाभान्वित ग्राम:
रेंगाखार सेक्टर: खारा रेंगाखार समनापुर बहमनी लोहारडीह बांदाटोला निवासपुर
चिल्ली सेक्टर: शीतलपानी
यह वे क्षेत्र हैं जहाँ पहुँच योग्य स्वास्थ्य सुविधा का अभाव है और इस तरह के शिविर संवेदनशील आबादी के लिए जीवनरक्षक साबित होते हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने कहा कि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच सुनिश्चित हो सके।
बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि सोनोग्राफी से हाई-रिस्क गर्भावस्था की पहचान पहले ही हो जाती है, जो वनांचल क्षेत्रों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सोनोग्राफी की उपयोगिता
शिशु के विकास की निगरानी
प्रसव तिथि व गर्भावस्था की पुष्टि
प्लेसेंटा की स्थिति, अम्नियोटिक द्रव आदि की जांच
जन्मजात विकृतियों की पहचान
जटिलताओं जैसे प्लेसेंटा प्रीविया का पता
एक से अधिक शिशु की पहचान
यह जांच गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों।
उन्होंने ऐसे शिविरों को नियमित रूप से जारी रखने का भरोसा दिया।
ग्रामीणों ने इस प्रयास के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया।




