
कांवड़ यात्रा में दिखा अपनत्व का भाव, नदी किनारे रहने वाली ग्रामीण दीदी शिवकुमारी कुजुरू के घर विधायक दीदी ने किया भोजन
कवर्धा खबर योद्धा।। 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा के दूसरे दिन वन ग्राम महामाई (खुड़िया) पहुंची विधायक भावना बोहरा ने यात्रा के दौरान आस्था के साथ आत्मीय रिश्तों की खूबसूरत अनुभूति भी की। नदी किनारे रहने वाली अपनी परिचित के घर उन्होंने रात्रि विश्राम किया। इस दौरान परिवार के साथ समय बिताकर पुराने यात्रा संस्मरणों को भी साझा किया।

यात्रा शुरू होने से पहले ही ग्रामीण दीदी शिवकुमारी कुजुरू का आत्मीय संदेश आया था—“ दीद जी, यहीं रुकना।” इस स्नेहभरे आग्रह को स्वीकार करते हुए विधायक भावना बोहरा दूसरे दिन की यात्रा पूरी करने के बाद उनके घर पहुंचीं। घर पहुंचने पर परिवार ने आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया।
रात्रि विश्राम के दौरान साथ मिलकर भोजन तैयार किया गया। बातचीत के बीच पिछले वर्ष की कांवड़ यात्रा की यादें भी ताजा हुईं। नदी किनारे प्रकृति के शांत वातावरण में बीते पुराने पलों को याद करते हुए यात्रा के अनुभव साझा किए गए।
आस्था के साथ रिश्तों की आत्मीयता
भावना बोहरा ने कहा कि कांवड़ यात्रा , धार्मिक आस्था और संकल्प यात्रा के साथ ही, इस दौरान लोगों से मिलने वाला स्नेह और अपनापन भी इसे विशेष बनाता है। वनांचल में रहने वाले परिवारों की सहजता, आत्मीयता और स्नेह यात्रा की थकान को दूर कर नई ऊर्जा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नदी किनारे रहने वाली दीदी शिवकुमारी कुजुरू का स्नेह और अपनापन इस यात्रा की यादगार अनुभूतियों में शामिल हो गया है। ऐसे आत्मीय रिश्ते ही यात्रा को भावनात्मक रूप से और अधिक समृद्ध बनाते हैं।
151 किलोमीटर की यह कांवड़ पदयात्रा मां नर्मदा के पावन उद्गम स्थल अमरकंटक से शुरू होकर भोरमदेव धाम तक पहुंचने वाली है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु कठिन वन मार्गों, नदी-नालों और पहाड़ी रास्तों को पार करते हुए भगवान भोलेनाथ की भक्ति में आगे बढ़ रहे हैं।
मां नर्मदा और भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से आस्था, प्रकृति और रिश्तों की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।




