एक ही चेक नंबर से दो रजिस्ट्रियों का दावा: 70 डिसमिल जमीन विवाद में भाई-भाभी समेत चार पर अपराध दर्ज
कवर्धा खबर योद्धा।। शहर से लगे भागूटोला में 70 डिसमिल जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमीन के हिस्से की दो अलग-अलग रजिस्ट्रियों में एक ही चेक नंबर दर्ज किया गया, जबकि दोनों दस्तावेजों में भुगतान की राशि अलग-अलग दर्शाई गई है। मामले को सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए शिकायतकर्ता ने अपने बड़े भाई, भाभी, भतीजे और नाती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। प्रारंभिक जांच के बाद कवर्धा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
गवाह बनाने के बहाने कराए हस्ताक्षर

भागूटोला निवासी छन्नू निषाद ने शिकायत में बताया कि चार भाइयों के पारिवारिक बंटवारे में उसे राजनांदगांव मार्ग स्थित साईं मंदिर के पास खसरा क्रमांक 272/5 की लगभग 70 डिसमिल जमीन मिली थी। उनका आरोप है कि करीब दस माह पहले बड़े भाई चैनू निषाद उन्हें रजिस्ट्री कार्यालय ले गए और बताया कि नौकरी संबंधी प्रक्रिया के लिए पत्नी रमला निषाद के नाम दानपत्र कराया जा रहा है तथा उन्हें केवल गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने हैं। पारिवारिक विश्वास के चलते उन्होंने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए।
जमीन पर खुदाई देखकर हुआ खुलासा
शिकायतकर्ता के अनुसार 2 मई 2026 को जब वह अपनी जमीन पर पहुंचे तो वहां खुदाई का कार्य चल रहा था। विरोध करने पर बड़े भाई ने जमीन अपनी होने की बात कही। इसके बाद पटवारी और रजिस्ट्री कार्यालय से दस्तावेज निकलवाने पर पता चला कि 1 अगस्त 2025 को पूरी 70 डिसमिल जमीन रमला निषाद के नाम रजिस्टर्ड हो चुकी है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में इसी जमीन में से लगभग 16 डिसमिल भूमि दो अलग-अलग रजिस्ट्रियों के जरिए तिर्थेश्वर निषाद के नाम भी हस्तांतरित कर दी गई।
एक ही चेक नंबर, दो अलग भुगतान राशि का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मूल रजिस्ट्री में 53 लाख 7 हजार रुपये के भारतीय स्टेट बैंक के चेक से भुगतान दर्शाया गया है, जबकि उन्हें कोई राशि प्राप्त नहीं हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि तिर्थेश्वर निषाद के नाम हुई दो अलग-अलग रजिस्ट्रियों में एक ही चेक नंबर दर्ज है, जबकि एक दस्तावेज में 3 लाख 31 हजार 200 रुपये और दूसरे में 19 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे पूरे मामले का सबसे संदिग्ध पहलू बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
चार लोगों पर धोखाधड़ी और षड्यंत्र का आरोप
छन्नू निषाद ने चैनू निषाद, रमला निषाद, रामफल निषाद और तिर्थेश्वर निषाद पर मिलकर षड्यंत्रपूर्वक उनकी जमीन अपने नाम कराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया है। अब रजिस्ट्री अभिलेख, राजस्व रिकॉर्ड, बैंक चेक, भुगतान संबंधी दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस बोली- जांच के बाद ही होगी पुष्टि

पुलिस का कहना है कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक आरोपित पक्ष का सार्वजनिक पक्ष सामने नहीं आया था। यदि आरोपित अपना पक्ष या संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं, तो उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।



