
तरेगाँव जंगल डकैती कांड में कबीरधाम पुलिस की बड़ी सफलता – जमशेदपुर तक पहुंची पुलिस, लूटे गए चांदी के जेवर खरीदने एवं बेचने वाले 02 आरोपी सहित अब 04 अन्य आरोपी गिरफ्तार
डकैती कांड में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार – लगभग 13 किलोग्राम चांदी के आभूषण एवं गली हुई चांदी, नगदी रकम तथा 02 मोटरसाइकिल सहित अन्य सामग्री बरामद।
कवर्धा खबर योद्धा।। कबीरधाम पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अमित कुमार पटेल तथा अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में थाना तरेगांव जंगल क्षेत्रांतर्गत घटित बड़ी डकैती की घटना का लगातार अनुसंधान करते हुए पुलिस ने एक के बाद एक कुल 07 आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। प्रकरण में अब तक लगभग 11.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, 1.124 किलोग्राम गली हुई चांदी, नगदी रकम एवं 02 बजाज पल्सर एन.एस. मोटरसाइकिल सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। घटना के बाद से ही पुलिस द्वारा आरोपियों की पतासाजी एवं लूटे गए माल की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में पुलिस की जांच बिलासपुर से होते हुए जमशेदपुर (झारखंड) तक पहुंची और लूटे गए चांदी के जेवरों को गलाकर खरीदने एवं बेचने वाले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।

घटना का विवरण एवं पुलिस की कार्रवाई
दिनांक 27.10.2026 को थाना तरेगाँव जंगल क्षेत्र के ग्राम दुर्जनपुर मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास आरोपियों द्वारा सराफा व्यवसायी प्रार्थी वेदप्रकाश सोनी का रास्ता रोककर डंडे एवं हाथ-मुक्के से मारपीट की गई तथा उसके पास रखे बैग में मौजूद पुराने एवं नए चांदी के आभूषण एवं करीब 15 ग्राम सोना एवं नगदी रकम रुपये लूटकर फरार हो गए थे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना तरेगांव जंगल में अपराध क्रमांक 20/2026 धारा 309(6), 126(2), 115(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में सघन पतासाजी की गई। 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से अवलोकन, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण तथा मुखबिर तंत्र से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। विवेचना में सुनियोजित तरीके से डकैती की घटना कारित करना पाए जाने पर प्रकरण में धारा 310(2), 310(4) बीएनएस जोड़ी गई।
प्रथम चरण – दिनांक 31.10.2026 को तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा सर्वप्रथम आरोपी निखिल कुर्रे, संजय भास्कर एवं सचिन पात्रे को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर लगभग 11.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, एक बजाज पल्सर एन.एस. मोटरसाइकिल एवं 1,500 रुपये नगद बरामद कर जप्त किए गए।
द्वितीय चरण – बिलासपुर से दो फरार आरोपी गिरफ्तार
प्रकरण में फरार आरोपी अरुण उर्फ अन्नू बंजारे एवं प्रेम उर्फ प्रीतम उर्फ ब्रो उर्फ बोरो घृतलहरे की लगातार पतासाजी की जा रही थी। पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को बिलासपुर से पकड़कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने लूटे गए चांदी के आभूषणों का एक हिस्सा बेचकर 1,02,000/- रुपये प्राप्त करना बताया। पुलिस द्वारा आरोपी अरुण उर्फ अन्नू के कब्जे से 34,000/- रुपये तथा आरोपी प्रेम उर्फ प्रीतम के कब्जे से 50,000/- रुपये, कुल 84,000/- रुपये बरामद कर जप्त किए गए। शेष रकम खर्च होना बताया गया।
तृतीय एवं अंतिम चरण – जमशेदपुर (झारखंड) से दो अन्य आरोपी गिरफ्तार, गली हुई चांदी बरामद
प्रकरण की विवेचना में आरोपी प्रेम उर्फ प्रीतम द्वारा लूटे गए चांदी के जेवर जमशेदपुर में बेचने की जानकारी दी गई। इस पर पुलिस टीम आरोपी को साथ लेकर जमशेदपुर पहुंची, जहां उसकी निशानदेही पर सुमंतो घोड़ाई उर्फ कोबो के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस टीम द्वारा सुमंतो घोड़ाई एवं उसके परिचित सुरेश नाना माने को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में सुमंतो घोड़ाई ने स्वीकार किया कि दिनांक 29.10.2026 को आरोपी प्रेम उर्फ प्रीतम एक अन्य व्यक्ति के साथ उसके पास लूटे गए चांदी के करधन एवं पायल बेचने आया था। इसके बाद वह उन्हें सुरेश नाना माने के पास ले गया, जहां चांदी के जेवर गलाकर लगभग 1.124 किलोग्राम चांदी तैयार की गई और उसे 1,14,000/- रुपये में बेचा गया। इसमें से 1,02,000/- रुपये आरोपी प्रेम उर्फ प्रीतम को दिए गए तथा 12,000 रुपये अपने पास रखना और खर्च करना बताया।
वहीं सुरेश नाना माने ने भी पूछताछ में लूटे गए चांदी के जेवरों को गलाकर खरीदना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर लाल रंग के थैले में रखी लगभग 1.124 किलोग्राम गली हुई चांदी, कीमत लगभग 1,14,000/- रुपये, पुलिस द्वारा गवाहों के समक्ष विधिवत जप्त कर सीलबंद किया गया।
लूटे गए चांदी के आभूषणों को जानते हुए खरीदने एवं बिक्री करवाने में संलिप्त पाए जाने पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण में धारा 317(2) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी सुमंतो घोड़ाई उर्फ कोबो एवं सुरेश नाना माने को दिनांक 04.11.2026 को गिरफ्तार कर जमशेदपुर न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया तथा कबीरधाम लाया गया। दिनांक 05.11.2026 को दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस अधीक्षक का प्रभावी निर्देशन एवं सतत मॉनिटरिंग
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव द्वारा जिले में गंभीर एवं संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा ऐसे मामलों में संलिप्त प्रत्येक आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जा रही है। उनके द्वारा गंभीर प्रकरणों की लगातार समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग, सटीक सूचना संकलन और मजबूत मुखबिर तंत्र के माध्यम से विवेचना को परिणाममूलक बनाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। दुर्जनपुर डकैती जैसे गंभीर प्रकरण में घटनास्थल से लेकर बिलासपुर और जमशेदपुर तक आरोपियों की पतासाजी कर कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी एवं लूटे गए माल की बरामदगी कबीरधाम पुलिस के समन्वित प्रयासों और प्रभावी पुलिसिंग का परिणाम है।
उक्त संपूर्ण कार्यवाही में कबीरधाम जिला के वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अजाक/साइबर प्रशांत देवांगन, थाना तरेगाँव जंगल प्रभारी निरीक्षक संग्राम सिंह एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर, बोडला थाना प्रभारी निरीक्षक रूपक शर्मा, पंडरिया थाना प्रभारी निरीक्षक अजय सिन्हा, पांडातरई थाना प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला, थाना कुकदुर प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा सहित अन्य थाना टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


