

48 घंटे से शहर में चारों तरफ चक्काजाम, आम आदमी परेशान; दूसरे दिन भी जारी रहा किसानों का प्रदर्शन
रास्ते जाम होने से स्कूलों को करनी पड़ी छुट्टी, बाहर जाने के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर लोग; 23 मांगों को लेकर तीन स्थानों पर रामधुनी
कवर्धा खबर योद्धा।। जिले में किसानों का आंदोलन आम जनजीवन पर भारी पड़ने लगा है। भारतीय किसान संघ के आह्वान पर बलराम किसान न्याय यात्रा के तहत शुरू हुआ चक्काजाम दूसरे दिन भी जारी रहा। करीब 48 घंटे से जारी प्रदर्शन के कारण शहर से बाहर निकलने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित है। वाहनों की लंबी कतारों के बीच यात्रियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 2 से 3 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। रास्ते बाधित होने से कुछ स्कूलों को मजबूरी में छुट्टी भी करनी पड़ी।

8 हजार से अधिक किसान, 1200 ट्रैक्टरों से पहुंचे
किसानों के अनुसार, जिलेभर से 8 हजार से अधिक किसान करीब 1200 ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे। बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों की आवाजाही और सड़क पर प्रदर्शन के कारण रायपुर-कवर्धा सहित शहर से बाहर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। यात्री बसें, चारपहिया वाहन और स्कूल बसें भी जाम में फंसी रहीं। पुलिस प्रशासन ने यातायात नियंत्रित करने के लिए कई प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर बल तैनात किया, लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हो सकी।
23 मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन
किसान गन्ने पर 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस, गन्ना और बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना से जोड़कर प्रति एकड़ सालाना 15 हजार रुपए की आदान सहायता तथा गन्ना फसल बीमा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा धान के भुगतान, लंबित चौथी किश्त और समितियों में निर्धारित मात्रा के अनुसार धान तौल सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
किसानों ने सुतियापाठ नहर विस्तार सहित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी देने, प्रभावित किसानों को लंबित मुआवजा देने, नहर निर्माण पूरा कराने तथा क्षतिग्रस्त बांधों और नहरों की मरम्मत की मांग भी रखी है।
तीन स्थानों पर रामधुनी, सड़क किनारे बैठे किसान
आंदोलन के दौरान लोहारा रोड-रायपुर बायपास, बिलासपुर रोड स्थित जोराताल चौक और रायपुर रोड पर सागर मोबाइल के पास रामधुनी और हरिकीर्तन का आयोजन किया गया। किसान सड़क किनारे बैठकर भजन करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे। आंदोलन में शामिल किसान अपने गांवों से पानी, राशन और अन्य जरूरी सामग्री लेकर पहुंचे हैं।
बाजार पर भी पड़ने लगा असर
लगातार यातायात बाधित रहने से आम लोगों की आवाजाही और दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सब्जियों, फलों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, कीमतों में वृद्धि का कारण आंदोलन है या अन्य परिस्थितियां, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
भारतीय किसान संघ ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। अब किसानों की मांगों और आम जनता की बढ़ती परेशानी के बीच प्रशासन के सामने यातायात सुचारु करने और आंदोलन का समाधान निकालने की चुनौती है। समाचार के लिखे जाने तक किसानों का प्रदर्शन जारी रहा






