कबीर किसान समूह की मासिक बैठक एवं अक्षय तृतीया आयोजन सम्पन्न, वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प
पंडरिया, खबर योद्धा ।। ग्राम पंचायत डोमसरा के वृक्षारोपण स्थल पर कबीर किसान समूह द्वारा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ एग्रिकान समिति के सहयोग से सम्पन्न हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को सतत कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा बदलती कृषि परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना रहा, ताकि वे कम लागत में टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ सकें।

अक्षय तृतीया के अवसर पर समलिया साहू ने कहा कि यह दिन कृषि कार्यों की नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन से किसान अपनी खेती-बाड़ी की शुरुआत करते हैं, जो समृद्धि और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत बेल के पेड़ की पूजा-अर्चना, बीज रोपण और वृक्षारोपण के साथ की गई, जिससे प्रकृति के प्रति आस्था और कृतज्ञता व्यक्त की गई। इसके साथ ही सामुदायिक भूमि का भ्रमण कर विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन भी किया गया।

बैठक में संभावित रासायनिक खाद संकट को देखते हुए किसानों को जैविक एवं स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। हरी खाद (सनई/सनहेम्प), ट्राइकोडर्मा, स्यूडोमोनास, राइजोबियम और पीएसबी जैसे बायो-इनपुट्स के उपयोग के साथ-साथ नीमास्त्र, जीवामृत, घन जीवामृत एवं पंचपर्णी अर्क जैसे घरेलू जैविक घोलों की जानकारी दी गई। इन उपायों से खेती की लागत घटाने, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
जल संकट को ध्यान में रखते हुए किसानों को सोख पीट/रिचार्ज पिट निर्माण, वर्षा जल संचयन तथा ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही हरी खाद (सनई) के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए बीज वितरण और उत्पादन की रणनीति बनाई गई। इसके तहत प्रत्येक किसान को अधिकतम एक एकड़ भूमि के लिए बीज उपलब्ध कराने तथा कुल कृषि भूमि का 20–25% हिस्सा बीज उत्पादन के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सामुदायिक स्तर पर बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) की स्थापना पर भी चर्चा की गई। ग्राम महली के किसानों ने अपने गांव में BRC स्थापित करने की सहमति दी, जो सामुदायिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत परिचय सत्र से हुई, जिससे किसानों और टीम सदस्यों के बीच बेहतर संवाद और सहभागिता का वातावरण बना। इसके बाद किसानों के अनुभवों और स्थानीय चुनौतियों पर चर्चा करते हुए समाधान आधारित दृष्टिकोण अपनाया गया।
कार्यक्रम का संचालन कबीरधाम के जिला समन्वयक दीपक बागरी ने किया। इस अवसर पर महली, डोमसरा, बांधा, पौनी एवं बनियाकुबा ग्रामों से किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सुरेंद्र सोनकर (प्रोग्राम ऑफिसर), ओम प्रकाश भास्कर (प्रोग्राम ऑफिसर, पंडरिया), नर्मदा प्रसाद (सोशल मोबिलाइजर) तथा वॉलंटियर्स ब्रजेश एवं रंजीत की सक्रिय भागीदारी रही।
