भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा गन्ना किसानों को पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 31.89 करोड़ का भुगतान 

 भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा गन्ना किसानों को पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 31.89 करोड़ का भुगतान 

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा गन्ना किसानों को पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 31.89 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश एवं मार्गदर्शन में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित कवर्धा द्वारा पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत गन्ना किसानों को अब तक कुल 31.89 करोड़ रूपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है।

 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार और कलेक्टर के सतत मार्गदर्शन में कारखाना प्रबंधन द्वारा गन्ना किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित कवर्धा द्वारा पेराई सीजन 2025-26 में आज दिनांक तक 31.89 करोड़ का भुगतान भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफआरपी 329.05 किसानों को उनके बैंक खाते में कर दिया गया है। इस प्रकार तत्काल राशि प्राप्त होने से क्षेत्र के गन्ना किसानों में हर्ष व्याप्त है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित कवर्धा के प्रबंध संचालक श्री जी.एस. शर्मा ने बताया कि वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 के अंतर्गत 156820 मे.टन गन्ने की पेराई कर अब तक 174700 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया जा चुका है। यह उपलब्धि शेयर धारक गन्ना उत्पादक किसानों के सहयोग और कारखाना प्रबंधन के कुशल संचालन का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना क्षेत्र के गन्ना किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य शासन की गन्ना नीति के तहत कारखाने द्वारा गन्ना उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर, उनकी आर्थिक स्थिरता को मजबूत किया जा रहा है।

किसानों से अपील:-

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित कवर्धा में पिछले पेराई सत्र के दौरान सदस्यों द्वारा अपेक्षा से कम गन्ना आपूर्ति किए जाने के कारण कारखाने में लक्ष्य से काफी कम पेराई हो सकी। परिणामस्वरूप कारखाने को निर्धारित समय से पहले ही बंद करना पड़ा। जिले के गन्ना किसानों को देश में सर्वाधिक रिकव्हरी के अनुरूप भुगतान किया जाता है, साथ ही रियायती दरों पर शक्कर वितरण, उन्नत गन्ना खेती कि लिए गुणवत्तायुक्त बीज एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। किसानों की सुविधा के लिए कारखाना परिसर में सर्व-सुविधायुक्त किसान भवन का निर्माण भी किया गया है।

कारखाना प्रबंधन ने स्पष्ट किया है, कि यदि गन्ने की पेराई निरंतर कम होती रही, तो इससे का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में किसानों को वर्तमान में मिल रही मूल्य की गांरटी और अन्य लाभ भी प्रभावित हो सकते है। कारखाने का भविष्य सीधे तौर पर जिले के गन्ना किसानों के भविष्य से जुड़ा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए कारखाना प्रबंधन ने सभी सदस्य किसानों से अपील की है,कि वे अधिक से अधिक मात्रा में गन्ना कारखाने को उपलब्ध कराएं, ताकि पेराई लक्ष्य पूरा हो सके और कारखाना का संचालन सुचारू रुप से से चलता रहे।
प्रबंधन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सभी सदस्य किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में गन्ना पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। गन्ना यार्ड में किसानों लंबे समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े इसकी व्यवस्था की गई है। साथ ही रात्रि विश्राम हेतु किसान भवन में समुचित सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
कारखाना प्रबंधन ने विश्वास जताया है, कि किसान अपनी जिम्मेदारी और प्रतिबद्वता का परिचय देते हुए अधिकाधिक गन्ना आपूर्ति करेंगे जिससे कारखाना मजूबत होगा और किसानों की आर्थिक उन्नत की प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ बनेगी।

कारखाना प्रबंधन ने गन्ना किसानों से यह भी अपील की है कि गन्ना उत्पादक किसान कारखाने में परिपक्व, साफ-सुथरा, बिना अगवा और बिना जड़ वाला गन्ना आपूर्ति करें। इससे रिकव्हरी प्रतिशत में वृद्वि होगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित कवर्धा द्वारा गन्ना नहीं देने वाले अंशधारी सदस्यों के विरूद्व उपविधि के प्रावधानों के तहत सदस्यता समाप्ति की कार्यवाही:- भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा में वर्तमान में अंशधारी सदस्यों में कई सदस्यों के द्वारा कारखाना में गन्ना का विक्रय नहीं किया जाता है, जिससे कारखाना को लक्ष्य के अनुरुप गन्ना पेराई हेतु उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सर्वे अनुसार गन्ना भी कई सदस्यों द्वारा कारखाने को उपलब्ध नहीं कराया जाता है। इसको देखते हुए भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा के संचालक मण्डल बैंठक में लिये गये निर्णयानुुसार ऐसे अंशधारी सदस्य जिनके द्वारा शक्कर कारखाना में गन्ना विक्रय नहीं किया जा रहा है, ऐसे अंशधारी सदस्यों को कारखाना के उपविधि में निहित प्रावधान क्रमांक (7) (2) (द) के तहत सदस्य बने रहने के लिए निर्बध एवं शर्ते का पालन करते नहीं पाया गया है। अतः ऐसे अंशधारी सदस्यों को संस्था के उपविधि क्रमांक 9 (ब) (5) के तहत कारखाना से सदस्यता समाप्त करने हेतु कार्यवाही करने का निर्णय ले लिया गया है। अतः कारखाना प्रबंधन पुनः समस्त अंशधारी सदस्यों से अपील करता है कि इस पेराई सीजन में कारखाना में अधिक से अधिक गन्ना आपूर्ति करें और प्रबंधन द्वारा ऐसे करने वाली कार्यवाही से बचे और कारखाना प्रबंधन द्वारा अंशधारी सदस्यांे को प्रदान करने वाली सुविधाओं का निरंतर लाभ प्राप्त करे।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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