23 पीवीटीजी बैगा परिवारों ने बेदखली, मारपीट और धमकाने का लगाया आरोप; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

पट्टे की जमीन पर कब्जे का आरोप: बैगा परिवारों ने खोला मोर्चा, मासूम बच्चों के साथ बेमियादी धरने पर बैठे

23 पीवीटीजी बैगा परिवारों ने बेदखली, मारपीट और धमकाने का लगाया आरोप; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

 

कवर्धा खबर योद्धा।। कबीरधाम जिले के ग्राम माठपुर में पट्टाशुदा भूमि को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आंदोलन का रूप ले चुका है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के 23 बैगा परिवार अपनी जमीन बचाने की मांग को लेकर 9 जुलाई से जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में बेमियादी धरने पर बैठे हैं। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ शामिल हुईं। माताओं की गोद में बैठे मासूम बच्चों और परिवारों की मौजूदगी ने आंदोलन को भावुक बना दिया। प्रदर्शनकारी प्रशासन से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और अपनी जमीन पर अधिकार बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग दोहराई गई।

वर्ष 2016 से कर रहे खेती, अब बेदखली का आरोप

धरना दे रहे बैगा परिवारों का कहना है कि उन्हें वर्ष 2016 में वन अधिकार मान्यता अधिनियम-2006 के तहत पट्टे मिले थे, जिसके बाद से वे संबंधित भूमि पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बाद में उसी भूमि का पट्टा कथित रूप से अन्य लोगों के नाम भी जारी कर दिया गया, जिससे विवाद की स्थिति बन गई। अब उन्हें अपनी ही जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है।

मारपीट और धमकी का भी लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बाहरी लोग बैगा परिवारों को खेतों में जाने से रोक रहे हैं। परिषद का कहना है कि गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने जैसी धमकियां भी दी जा रही हैं। भय के कारण कई परिवार अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट गहरा गया है।

 

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

परिषद ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विवादित पट्टों की वैधानिक समीक्षा करने, पीड़ित बैगा परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने तक बेमियादी धरना जारी रहेगा।

पांच गांवों के ग्रामीण भी पहुंचे, सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन सौंपने वालों में धन सिंह, पारुल बैगा, राज सिंह, फागुराम, बैशाखिन, सन्तुराम और जैवतीन सहित बड़ी संख्या में बैगा समाज के लोग शामिल रहे। इसके अलावा आसपास के लगभग पांच गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने भी वन भूमि के पट्टे की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों की मौजूदगी से कलेक्ट्रेट परिसर दिनभर आंदोलन का केंद्र बना रहा। परिषद ने कहा कि जब तक बैगा परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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