राखी के धागे में सिमटा भाई-बहन का पूरा संसार, मायके की दहलीज से बाजार तक छाया रक्षाबंधन का उल्लास

राखी के धागे में सिमटा भाई-बहन का पूरा संसार, मायके की दहलीज से बाजार तक छाया रक्षाबंधन का उल्लास

सुबह से घरों में पूजा की थालियां सजीं, बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा स्नेह का सूत्र; राखी, मिठाई और उपहार की दुकानों पर देर शाम तक बनी रही चहल-पहल

कवर्धा खबर योद्धा ।। रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को कवर्धा शहर सहित जिलेभर में रिश्तों की गर्माहट और पारिवारिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह होते ही घरों में पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं। कहीं बहनें पूजा की थाली सजाती नजर आईं तो कहीं भाई अपनी बहन के हाथों से राखी बंधवाने का इंतजार करते दिखे।

तिलक, आरती, मिठाई और राखी की रस्म के बीच भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास की डोर एक बार फिर मजबूत होती दिखाई दी। दूर शहरों में रहने वाली कई बहनें भी पर्व मनाने मायके पहुंचीं, जिससे लंबे समय बाद परिवारों में मिलन और खुशियों का माहौल बना।

राखी बांधी तो याद आया बचपन

रक्षाबंधन की रस्म के दौरान भाई-बहनों के बीच बचपन की यादें भी ताजा होती रहीं। बहनों ने भाइयों का तिलक कर आरती उतारी और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद मिठाई खिलाकर सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट किए। कई घरों में राखी बांधने के बाद भाई-बहन पुराने दिनों की बातें करते और हंसी-मजाक करते नजर आए।

 

मायके पहुंचीं बहनें तो बढ़ी घर की रौनक

नौकरी, पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते अलग-अलग शहरों में रहने वाले भाई-बहनों के लिए रक्षाबंधन मिलन का अवसर बन गया। कई बहनें सुबह ही मायके पहुंच गईं, जबकि कुछ भाई अपनी बहनों के घर पहुंचे। परिवार के सभी सदस्यों के एक साथ बैठकर पर्व मनाने से घरों में पूरे दिन उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।

 

राखियों से सजे बाजार, पसंद चुनने में जुटे लोग

रक्षाबंधन को लेकर शहर के बाजारों में भी खूब चहल-पहल रही। राखी की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों की भीड़ जुटने लगी थी। रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन वाली राखियों के साथ बच्चों के लिए कार्टून व पसंदीदा पात्रों वाली राखियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। बहनों ने भाइयों की पसंद के अनुसार राखियां खरीदीं। उपहार और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।

 

मिठाई दुकानों पर बढ़ी मांग

राखी के साथ मिठाई की खरीदारी भी पर्व का अहम हिस्सा रही। मिठाई दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी। लोगों ने घर-परिवार के लिए मिठाइयां खरीदीं और रिश्तेदारों के यहां पहुंचकर पर्व की खुशियां साझा कीं। कई घरों में पारंपरिक पकवान भी बनाए गए।

 

रिश्ता वही, मायने और व्यापक हुए

समय के साथ रक्षाबंधन की भावना भी व्यापक हुई है। अब भाई द्वारा बहन की रक्षा के साथ उसके सम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता का साथ देने की भावना भी इस रिश्ते में जुड़ रही है। बहन भी भाई के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की भावना व्यक्त करती है। सोशल मीडिया पर भी भाई-बहनों ने तस्वीरें साझा कर पर्व की शुभकामनाएं दीं।

कवर्धा में देर शाम तक बाजारों और घरों में रक्षाबंधन की रौनक बनी रही। कलाई पर बंधा छोटा सा रक्षा सूत्र पूरे दिन भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और अपनत्व की बड़ी कहानी कहता नजर आया।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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