कुछ सेकंड का रोमांच और दांव पर जिंदगी ,चलती कार से बाहर झूलते विद्यार्थियों का वीडियो वायरल

फ़ाइल फोटो

 कुछ सेकंड का रोमांच और दांव पर जिंदगी ,चलती कार से बाहर झूलते विद्यार्थियों का वीडियो वायरल

कवर्धा खबर योद्धा।। इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो महज कुछ सेकंड का है, लेकिन इसके मायने बहुत गहरे हैं। तेज रफ्तार कार, खिडकी से बाहर झूलते स्कूली विद्यार्थी यह दृश्य रोमांच नहीं, बल्कि संभावित हादसे की साफ चेतावनी है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे विद्यार्थी किसी प्राइवेट स्कूल से जुड़े हैं और फेयरवेल कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। चलती कार से बाहर लटकते शरीर यह सवाल छोड़ जाते हैं कि क्या हमारी नई पीढ़ी को सड़क सुरक्षा का अर्थ समझाया जा रहा है, या हम अनजाने में उन्हें खतरे की ओर धकेल रहे हैं। वीडियो में साफ दिखता है कि वाहन गति में है और विद्यार्थी दरवाजे के खिडकी से बाहर झूलते हुए मस्ती कर रहे हैं। जरा-सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी। यही वजह है कि वीडियो सामने आते ही लोगों में चिंता, नाराजगी और आत्ममंथन तीनों भाव एक साथ उभर आए।

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वायरल वीडियो ने खोली लापरवाही की परतें

महत्वपूर्ण यह है कि वायरल फुटेज में यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन कौन चला रहा था। अब यह भी जांच का विषय है कि गाड़ी किसी नाबालिग द्वारा चलाई जा रही थी या वाहन मालिक स्वयं मौजूद था। पुलिस इसी बिंदु पर गहराई से पड़ताल कर रही है। हालांकि इतना तय है कि चलती कार से बाहर लटकना अपने आप में बेहद खतरनाक है और यातायात अनुशासन के विपरीत भी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह विद्यार्थियों को जोखिम भरी हरकतों की ओर ले जा रही है।

 

कबीरधाम पुलिस सक्रिय, वाहन मालिक और स्कूल प्रबंधन तलब

मामले पर कबीरधाम पुलिस ने संज्ञान लिया है। डीएसपी कृष्णा चंद्राकर ने बताया कि वीडियो में नजर आ रही सभी गाड़ियों के मालिकों को बुलाया गया है। साथ ही संबंधित स्कूल के प्राचार्य को भी थाने तलब किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जांच की जा रही है कि वाहन कौन चला रहा था क्या कोई नाबालिग ड्राइविंग कर रहा था या वाहन मालिक की भूमिका क्या रही। पुलिस का कहना है कि वाहन मालिकों से पूछताछ के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं वीडियो में दिख रहे विद्यार्थियों को उनके परिजनों के साथ बुलाकर समझाइश दी जा रही है, ताकि आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी तस्वीरें

 

यह पहला मौका नहीं है। पिछले वर्ष भी इसी स्कूल से जुड़ी इसी तरह की लापरवाही की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके अलावा पांडातराई क्षेत्र के एक निजी विद्यालय से भी बीते वर्षों में ऐसा ही वीडियो वायरल हो चुका है। यानी यह किसी एक दिन की चूक नहीं, बल्कि बढ़ती असावधानी का संकेत है, जहां उत्सव और रोमांच के नाम पर अनुशासन पीछे छूट जाता है।

अभिभावक, स्कूल और समाज तीनों की जिम्मेदारी

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल पुलिस की कार्रवाई काफी नहीं। विद्यार्थियों की गतिविधियों पर निगरानी रखना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है, वहीं कार्यक्रमों के दौरान बच्चों की आवाजाही पर ध्यान देना अभिभावकों का दायित्व। समाज की भूमिका भी कम नहीं क्योंकि जब ऐसी हरकतें मस्ती कहकर टाल दी जाती हैं, तभी वे आदत बन जाती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि किशोरावस्था में दिखावे और रोमांच की प्रवृत्ति अधिक होती है, ऐसे में संवाद और मार्गदर्शन सबसे बड़ा सहारा बन सकता है।

 

कुछ पल का जोश, उम्रभर का पछतावा बन सकता था

 

कार के दरवाजे पकड़कर हवा में झूलते ये चेहरे सिर्फ स्टंट नहीं कर रहे थे वे अनजाने में अपने माता-पिता के सपनों को भी दांव पर लगा रहे थे। यह घटना याद दिलाती है कि सड़क कोई मंच नहीं और वाहन कोई खिलौना नहीं। हर वायरल क्लिप के पीछे एक संभावित हादसा छिपा होता है, और हर हादसे के पीछे किसी परिवार की टूटती दुनिया।

 

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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