कवर्धा में गौरैया संरक्षण की अनूठी पहल, युवाओं ने संभाली जिम्मेदारी
कवर्धा खबर योद्धा।। आधुनिकता और शहरीकरण की दौड़ में जहां एक ओर प्रकृति का संतुलन बिगड़ता जा रहा है, वहीं हमारे आसपास से प्यारी गौरैया चिड़िया भी धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। ऐसे समय में कवर्धा के युवा दीपेश कुंभकार ने एक सराहनीय पहल कर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
दीपेश ने अपनी कला और हुनर का उपयोग करते हुए मिट्टी से सुंदर, टिकाऊ और सुरक्षित चिड़िया के घोंसले तैयार किए हैं। ये घोंसले न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि गौरैया जैसी छोटी चिड़ियों के लिए सुरक्षित आश्रय भी प्रदान करते हैं। उनके इस प्रयास को स्थानीय स्तर पर काफी सराहना मिल रही है।

नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए नगरवासियों से अपील की है कि वे इन घोंसलों को अवश्य खरीदें और अपने घरों, आंगनों या छतों पर लगाएं। इससे गौरैया को फिर से रहने का सुरक्षित स्थान मिलेगा और उनके अस्तित्व को बचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि यदि हम सब मिलकर छोटे-छोटे प्रयास करें, तो एक बड़ा बदलाव संभव है। हम सबके सामूहिक प्रयास से नगर पालिका कवर्धा क्षेत्र के हर घर में फिर से चिड़ियों की मधुर चहचहाहट गूंजेगी और हमारा पर्यावरण भी संतुलित बना रहेगा।

यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी कराती है।
