व्याख्याता के बड़े ठाठ, JD- जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश को दिखा रहे ठेंगा। शासकीय आवासगृह रिक्त कराने में अधिकारियों का छूट रहा पसीना

व्याख्याता के बड़े ठाठ, JD- जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश को दिखा रहे ठेंगा।

शासकीय आवासगृह रिक्त कराने में अधिकारियों का छूट रहा पसीना

 

कवर्धा खबर योद्धा विद्या भूषण दुबे।। कवर्धा विकासखंड के पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी (वर्तमान में व्याख्याता) श्री जायसवाल के द्वारा दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक और कवर्धा जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश की खुले आम अवहेलना की जा रही है। बावजूद अधिकारी मुक दर्शक बने हुए हैं। मामला सहायक खंड शिक्षा अधिकारियों के CR में हस्ताक्षर से संबंधित है।

 

कहां जाता है कि संबंधित कर्मचारियों को श्री जायसवाल के द्वारा CR में हस्ताक्षर के लिए निज निवास में बुलाया जाता है और जो कर्मचारी उनके निवास में हस्ताक्षर के लिए नहीं जा रहे हैं उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मजे की बात यह है कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी अपने स्वयं के द्वारा लिखे गए पत्र से अनभिज्ञ है।

    उल्लेखनीय है कि कवर्धा विकासखंड के abeo की शिकायत पर संयुक्त संचालक दुर्ग के द्वारा कवर्धा के जिला शिक्षा अधिकारी को के CR में श्री जायसवाल से हस्ताक्षर कराने हेतु आदेशित किया गया था। JD के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा श्री जायसवाल को मार्च महीने में पत्र लिखा गया था। पता नहीं अब जिला शिक्षा अधिकारी को क्या मजबूरी है कि उन्हें अपने ही पत्र की जानकारी नहीं है। इधर विकासखंड कवर्धा के पूर्व प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी श्री जायसवाल को जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा अनुचित लाभ पहुंचाये जाने की भी चर्चा है।

       बताया जाता है कि बोड़ला ब्लॉक के बैरख में पदस्थ को कवर्धा जिला मुख्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा पर शासकीय आवास आवंटित किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी से पद मुक्त होने के 7 महीने के बाद भी उनसे शासकीय आवास गृह रिक्त नहीं कराया गया है।

इस मामले को लेकर ख़बरयोद्धा के राजधानी रिपोर्टर विद्याभूषण दुबे के द्वारा अलग-अलग अधिकारियों से सीधी बात की गई।

*Deo से सीधी बात*

विद्याभूषण दुबे – मार्च में आपके द्वारा श्री जायसवाल को JD के आदेश का उल्लेख करते हुए पत्र लिखा गया है जिसमें एक Abeo के CR में हस्ताक्षर करने आदेशित किया गया है।

Deo श्री वर्मा – मेरे द्वारा ऐसा कोई पत्र श्री जायसवाल को नहीं लिखा गया है।

विद्याभूषण दुबे – दो माह बीत जाने के बाद भी पत्र का जवाब नहीं मिलने पर श्री जायसवाल के विरुद्ध आपके द्वारा कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई है ?

Deo श्री वर्मा – मेरे द्वारा ऐसा कोई पत्र नहीं भेजा गया है यदि आपके पास हो तो उसे मुझे व्हाट्सएप कीजिए। 

विद्याभूषण दुबे – अन्य विकास खंड में पदस्थ व्याख्याता और beo प्रभार से पद मुक्त होने के बाद शासकीय आवासगृह क्यों रिक्त नहीं कराया गया है ?

Deo श्री वर्मा – कलेक्टर कार्यालय से आबंटित हैं , विभागीय स्तर पर क्या किया जा सकता है देखता हूं।

*Beo से सीधी बात*

विद्या भूषण दुबे – पूर्व प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी श्री जायसवाल के द्वारा कर्मचारियों के गोपनीय चरित्र वाली में हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं, विकास खंड स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रही है ?

संजय दुबे beo – तीन कर्मचारियों के कर में हस्ताक्षर बाकी थे दो लोग श्री जायसवाल के निवास में जाकर हस्ताक्षर करा लिए हैं । श्री केशरवानी का बाकी है।

विद्या भूषण दुबे – शासकीय कार्य से कर्मचारी किसी के निज निवास में क्यों जाएंगे ? शासकीय दस्तावेज में हस्ताक्षर कार्यालय में क्यों नहीं हो रहा है ?

संजय दुबे beo – लगभग 7 महीने से मैं प्रभार में हूं यदि कोई कर्मचारी इस अवधि में मेरे पास आते हैं तो मैं शासकीय नियमों के तहत हस्ताक्षर करने के लिए स्वतंत्र हूं।

इस संबंध में श्री जायसवाल से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया परंतु कोई जवाब नहीं मिला।

Ex Beo जायसवाल से – हस्ताक्षर के लिए कर्मचारियों को घर पर क्यों बुलाते हैं ? शासकीय आवास अभी तक क्यों रिक्त नहीं किया गया? व्हाट्सएप में और फोन से भी पूछा गया परंतु कोई जवाब नहीं मिला।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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