शिक्षा विभाग कवर्धा में दो लिपिकों के पदोन्नति आदेश निरस्त, स्वास्थ्य विभाग भी शक के दायरे में
रायपुर खबर योद्धा विद्या भूषण दुबे।। शिक्षा विभाग कवर्धा में लगभग 5 वर्ष पूर्व नियमों को ताक में रखकर सहायक ग्रेड 2 से सहायक ग्रेड एक पद पर पदोन्नति किए गए किए गए आदेश को संभागीय संयुक्त संचालक ने निरस्त कर दिया है। संभागीय संयुक्त संचालक के कठोर कार्यवाही से विभाग में हड़कंप मच गया है और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम के द्वारा 27 मई 2021 को एक कर्मचारी को सहायक ग्रेड-02 से सहायक ग्रेड-01 पद पर पदोन्नत किए जाने का आदेश जारी किया था। बाद में शिकायत मिलने पर जब इस मामले की जांच की गई तो पाया गया कि यह पदोन्नति छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग तृतीय वर्ग (लिपिकीय) सेवा भर्ती नियम 2009 के विपरीत दी गई थी। इसके बाद एस.के. निर्मलकर और जे. पी. बर्वे के पदोन्नति को निरस्त कर दिया गया है।
जांच के दौरान पदोन्नति से जुड़े कई अहम दस्तावेज मूल फाइल में मौजूद ही नहीं थे। पदोन्नति समिति की अनुशंसा, विभागीय कार्यवाही विवरण, जांच प्रतिवेदन, रिक्त पद की स्थिति जैसे जरूरी दस्तावेज नस्ती में नहीं मिले। इससे पूरी पदोन्नति प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।

मामले में संबंधित दोनों पदोन्नत कर्मचारी एस.के. निर्मलकर और जे. पी. बर्वे से भी जवाब तलब किया गया था, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद संयुक्त संचालक शिक्षा दुर्ग ने सख्त रुख अपनाते हुए पदोन्नति आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
बताया तो यह भी जाता है कि स्वास्थ्य विभाग कवर्धा में भी बिना टाइपिंग उत्तीर्ण चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को सहायक ग्रेड 3 के पदों पर पदोन्नति दी गई है।
