पार्सल बम साज़िश नाकाम: केसीजी पुलिस ने स्पीकर में छिपा 2 किलो IED बरामद कर सात आरोपियों को दबोचा, विस्फोटक सप्लाई नेटवर्क भी बेनकाब
खैरागढ़–छुईखदान खबर योद्धा।। केसीजी पुलिस ने गंडई थाना क्षेत्र में एक बड़ी साज़िश का पर्दाफाश करते हुए 2 किलो IED से लैस पार्सल बम को बरामद कर लिया है। यह विस्फोटक एक ब्रांड-न्यू स्पीकर में बेहद चतुराई से छिपाया गया था, जिसे एक गिफ्ट पैक्ड पार्सल के रूप में भेजा गया था। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से न केवल एक संभावित हत्या को टाल दिया गया, बल्कि अवैध विस्फोटक आपूर्ति की एक संगठित श्रृंखला का भी भंडाफोड़ हुआ है।

कैसे हुआ खुलासा?
पार्सल मानपुर (गंडई) निवासी अफसार खान के नाम से आया था। पार्सल पर फर्जी इंडिया पोस्ट का लोगो और पता दर्ज था। संदेह होने पर अफसार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने पार्सल को सुरक्षा घेरे में लेकर बम स्क्वॉड की मदद से जांच की, जिसमें सामने आया कि स्पीकर के अंदर 2 किलो IED छिपा हुआ था।
IED की बनावट और कार्यप्रणाली
तकनीकी जांच में पता चला कि:
विस्फोटक तब सक्रिय होता जब स्पीकर को बिजली के स्रोत से जोड़ा जाता।
जेलाटिन स्टिक को मुख्य विस्फोटक के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
डिटोनेटर को स्पीकर की वायरिंग से जोड़ा गया था।
स्पीकर का बाहरी आवरण विस्फोट के बाद घातक छर्रों में बदल जाता।
हत्या की साज़िश और विस्फोटक सप्लाई नेटवर्क का लिंक
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस बम का लक्ष्य अफसार खान की हत्या करना था। यह साजिश विनय वर्मा द्वारा ऑनलाइन ट्यूटोरियल देखकर बनाई गई थी। साथ ही दुर्ग जिले की एक पत्थर खदान से अवैध रूप से siphon किए गए विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
विनय वर्मा – IED निर्माता
परमेंश्वर वर्मा – विस्फोटक की खरीद के लिए नकद भुगतानकर्ता
गोपाल वर्मा – पार्सल डिलीवरी में सहयोगी
घासीराम वर्मा – विस्फोटक की ढुलाई करने वाला
खिलेश वर्मा – फर्जी इंडिया पोस्ट लोगो और पते का निर्माता
गोपाल सतनामी – जेलाटिन सप्लायर
दिलीप धिमर – विस्फोटक आपूर्तिकर्ता
बरामद सामग्री
2 किलो IED (स्पीकर में छिपा हुआ)
60 जेलाटिन स्टिक
2 डिटोनेटर
फर्जी इंडिया पोस्ट का लोगो और पता लिखी सामग्री
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में FIR क्रमांक 277/2025 थाना गंडई में दर्ज की गई है। सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक अधिनियम एवं आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, विस्फोटकों की आपूर्ति और डायवर्जन में शामिल अन्य व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है।
