लोहारिडीह हत्याकांड: कांग्रेस ने की इस्तीफे की मांग
साहू समाज की बेटी पार्वती बैठी का आमरण अनशन पर
कवर्धा खबर योद्धा ।। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में लोहारिडीह हत्याकांड और उसके बाद हुई घटनाओं को लेकर राजनीति और समाज में गहरी हलचल मच गई है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष होरी साहू ने लोहारीडीह हत्याकांड को लेकर राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा से इस्तीफे की मांग की है, वहीं साहू समाज की महिला पार्वती साहू न्याय की मांग के लिए आमरण अनशन पर बैठी हैं। दोनों घटनाएं शासन और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रही हैं, और अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार और प्रशासन इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। क्योंकि पहले जहा इस घटना को आत्म हत्या बताया गया था , वही यह मामला हत्या का निकला।

कांग्रेस ने राज्य के गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग की

जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष होरी साहू ने लोहारिडीह हत्याकांड की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस घटना में तत्कालीन एसपी अभिषेक पल्लव की नाकामी उजागर हुई है, जिन्होंने घटना को संभालने में असफलता दिखाई और पुलिस द्वारा ग्रामीणों की बर्बर पिटाई की गई। इस घटना में प्रशांत साहू की पुलिसिया पिटाई से मौत हुई थी, जिसके लिए उन्होंने तत्कालीन एसपी और उनकी टीम के खिलाफ आपराधिक एफआईआर दर्ज कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है।

होरी साहू ने आगे कहा कि लोहारिडीह घटना में गिरफ्तार किए गए 167 ग्रामीणों में से निर्दोष ग्रामीणों को तुरंत रिहा किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक शिवप्रसाद साहू के परिवार के एक सदस्य द्वारा एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद, प्रशासन ने इस मामले में पुलिसिया दबाव डालकर निर्दोष लोगों को सलाखों के पीछे डाल दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने न्यायिक निगरानी में नए सिरे से जांच करने की मांग की।

साहू समाज की महिला का आमरण अनशन जारी
इस बीच, लोहारिडीह हत्याकांड के बाद साहू समाज की बेटी पार्वती साहू ने कवर्धा के राजीव गांधी पार्क में आठ सूत्रीय मांगों के साथ अनमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक लोहारिडीह घटना में पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता और कवर्धा जेल में बंद बेगुनाहों को रिहा नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने शासन और प्रशासन से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई है, लेकिन अब तक प्रशासन से कोई भी नुमाइंदा उनसे मुलाकात के लिए नहीं पहुंचा है।
पार्वती साहू की प्रमुख मांगें
1. लोहारिडीह हत्याकांड की सीबीआई जांच: पार्वती साहू ने घटना की सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की है ताकि मामले की सही और निष्पक्ष जांच हो सके।
2. मृतकों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी: उन्होंने मृतक शिवप्रसाद साहू, प्रशांत साहू, और रघुनाथ साहू के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
3. जेल में बंद ग्रामीणों की रिहाई: उन्होंने कहा कि जिन निर्दोष ग्रामीणों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उन्हें जल्द रिहा किया जाए।
4. मृतक के घर में पुलिस सुरक्षा: पार्वती साहू ने मृतक के परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की है।
5. अपराधियों को सजा दिलाने और जांच की निगरानी: उन्होंने इस मामले में दोषियों को कठोर सजा दिलाने और मामले की जांच की निगरानी हाई कोर्ट द्वारा करवाने की बात की है।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
इस घटनाक्रम में प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोहारिडीह हत्याकांड के बाद से अब तक शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के गृहमंत्री विजय शर्मा से इस्तीफे की मांग की है और इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की बात की है।
इस बीच, पार्वती साहू का आमरण अनशन प्रशासन की निष्क्रियता को उजागर करता है, क्योंकि अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने उनसे मुलाकात नहीं की है। यह स्थिति प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करती है, और अब यह देखना होगा कि शासन इस गंभीर मुद्दे पर कब और किस तरह कार्रवाई करेगा।

