पहले साहेब ने कहा चूहे और कीड़े ने खाया धान , अब सुखत का आया मामला , जांच के बाद होगा खुलासा
बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र प्रभारी निलंबित, डीएमओ को कारण बताओ नोटिस
कवर्धा खबर योद्धा।। कबीरधाम जिले में धान की कमी (शॉर्टेज) को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले जहां चूहों द्वारा धान खाए जाने की बात सामने आई थी, वहीं अब प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि धान की कमी का मुख्य कारण सूखत (नमी कम होने से वजन में गिरावट) है, न कि चूहे या कीड़े।
बाजार चारभाठा धान संग्रहण केंद्र में शॉर्टेज का मामला संज्ञान में आते ही जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। संग्रहण केंद्र प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जांच के लिए समिति गठित
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक जांच समिति का गठन किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सूखत को बताया गया मुख्य कारण

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में धान की कमी चूहों अथवा कीड़ों द्वारा खाए जाने से नहीं, बल्कि सूखत के कारण हुई है।
पिछले वर्षों की सूखत रिपोर्ट
सूखत के आंकड़ों पर नजर डालें तो—
2020-21: 3.9 प्रतिशत
2021-22: 3.67 प्रतिशत
2022-23 एवं 2023-24: संग्रहण नहीं हुआ
2024-25: 3.5 प्रतिशत
प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2024-25 में पाई गई सूखत पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है।
प्रदेश स्तर पर मचा घमासान
धान शॉर्टेज को लेकर यह मामला अब प्रदेश स्तर तक चर्चा का विषय बन चुका है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी कि जिम्मेदारी किसकी बनती है।
फिलहाल, पूरे मामले पर सबकी नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
