22 वर्षो से एक ही स्थान पर संलग्न है महिला कर्मचारी  संलग्नीकरण समाप्त किये जाने के आदेश जारी, वहीं संलग्न हैं कर्मचारी

22 वर्षो से एक ही स्थान पर संलग्न है महिला कर्मचारी

 संलग्नीकरण समाप्त किये जाने के आदेश जारी, वहीं संलग्न हैं कर्मचारी

 

रायपुर खबर योद्धा विद्या भूषण दुबे।। विधानसभा लुंड्रा के विधायक प्रबोध मिंज के द्वारा विधानसभा में किए गए एक प्रश्न ने पूरे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मचा कर रख दी है।

लुंड्रा विधानसभा के विधायक प्रमोद मिंज के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में संलग्नीकरण पर प्रश्न किया गया जिसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री का कहना था कि आने वाले 15 दिनों के अंदर विभाग से समस्त संलग्नीकरण को समाप्त कर दिया जाएगा ।

        वैसे स्वास्थ्य मंत्री ने कोई नई बात नहीं की है। यदि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने दिमाग पर जोर दें तो उन्हें पता चलेगा कि सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा समय-समय पर संलग्नीकरण समाप्त किए जाने के आदेश जारी होते हैं। 

   इस मामले में कवर्धा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वयं मानते हैं की स्वास्थ्य विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग और मंत्रिमंडल के द्वारा पारित स्थानांतरण नीति के तहत संलग्न कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त किया जाना है। आश्चर्य की बात यह है कि स्वयं सीएमएचओ आदेश जारी करते समय भूल जाते हैं कि उनके नाक के नीचे कार्यरत लिपिक, कुष्ठ कर्मचारी, और जिला चिकित्सालय में महिला मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों को उन्होंने ही संलग्न किया है।

  अपुष्ट किंतु विश्वस्त खबरों के अनुसार आकाश कोराने AG 3 पंडरिया और ईश्वर साहू संलग्न हैं। इसी प्रकार से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुमित्रा यादव बोड़ला ,ललिता पंडरिया , हीरा ठाकुर कवर्धा सहित DMF की सविता संलग्न हैं। एक महिला कर्मचारी अनिता तिवारी तो लगभग 22-24 वर्षो से संलग्नीकरण में नौकरी गुज़ार दी। कई CMHO आए और गए श्रीमती तिवारी दो पदोन्नति लेने के बाद भी जिला अस्पताल में ही संलग्न है, उनका कोई बालबांका नहीं कर सका। शायर कृष्ण बिहारी नूर का एक मशहूर शेर है – – -कितने अवतार हुए, कितने पयम्बर (पैगंबर) आये,

एक तू न आया, मगर तेरे पैगाम बराबर आये। संलग्नीकरण समाप्ति के आदेश पर आदेश आते रहे मगर श्रीमती तिवारी को कोई एक इंच नहीं हिला सका।

 उधर विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री 15 दिनों के भीतर संलग्नीकरण की बात कह रहे हैं तो दूसरी तरफ कवर्धा CMHO के द्वारा श्रीमती तिवारी को पदोन्नति के महज एक घण्टे के भीतर जिला अस्पताल में संलग्न करने का आदेश जारी कर रहे होते हैं। इन तमाम हालातों को देखकर लगता है उप मुख्यमंत्री के गृह जिला के CMHO को कोई भय नहीं रह गया है। बहरहाल स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा में दिए जवाब को जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष कलेक्टर कितनी गंभीरता से लेते हैं देखने वाली बात होगी ।

सीधी बात

ख़बरयोद्धा रिपोर्टर विद्याभूषण दुबे- सर ANM को केंद्र और राज्य सरकार जिला चिकित्सालय में कार्य करने योग्य नहीं मानती फिर भी आप कई ANM लोगों को जिला चिकित्सालय में संलग्न करने का आदेश जारी किए हैं ऐसा क्यों ?

CMHO कवर्धा – मैं अभी जंगल तरफ दौरे में हूं इसकी जानकारी मुझे नहीं है कार्यालय जाकर वास्तविकता बता सकूंगा।

रिपोर्टर- सर अटैचमेंट हुआ है आपके कार्यालय से हुआ है , आपके हस्ताक्षर से जारी आदेश अमित कटारिया जैसे वरिष्ठ IAS को धोखे में रखना या उच्च अधिकारियों के साथ गफलत करना नहीं है ?

CMHO – जवाब देने के बजाए फोन काट दिए।

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विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट पर मंत्री से प्रश्न करने वाले लुंड्रा के विधायक श्री प्रबोध मिंज जी से (मो-20160) पर सीधी बात – 

राजधानी रिपोर्टर- कवर्धा स्वास्थ्य विभाग की एक महिला कर्मचारी जिला चिकित्सालय में 22 – 23 वर्षों से संलग्न है।

विधायक श्री मिंज- जानकारी देने के लिए धन्यवाद , स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में 15 दिनों के भीतर संलग्नीकरण समाप्त करने जवाब दिया है। देखते हैं आगे क्या होता है।

राजधानी रिपोर्टर- सिविल सर्जन से- सर जिला अस्पताल में कितने ANM संलग्न हैं ?

CS डॉ ध्रुव- पता करना होगा वैसे मेडिकल कॉलेज की तैयारियों को देखते हुए फील्ड से स्टाफ बुलाए जा रहे हैं।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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