
कलेक्टर ने एसडीएम और तहसील न्यायालयों का किया औचक निरीक्षण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
एक साल से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश, सभी दर्ज प्रकरणों को ऑनलाइन करने पर दिया जोर
कवर्धा खबर योद्धा।। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कवर्धा के एसडीएम एवं तहसील न्यायालय और पिपरिया तहसील न्यायालय का औचक निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा सहित अन्य राजस्व मामलों के निराकरण की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समय-सीमा से बाहर हो चुके लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए। विशेष रूप से एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता देते हुए उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पटवारी प्रतिवेदन के अभाव में लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने और आवश्यक प्रतिवेदन शीघ्र प्राप्त कर मामलों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों में अनावश्यक रूप से लंबी पेशी न दी जाए तथा सुनवाई और निराकरण की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूरी की जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने न्यायालयों में दर्ज कुल राजस्व प्रकरणों, लंबित मामलों और सुनवाई के लिए तैयार प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर उपस्थित तहसीलदार से तहसीलदार न्यायालय में प्राप्त प्रकरणों, उनके निराकरण तथा लंबित मामलों के कारणों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी लाने और आम नागरिकों से जुड़े मामलों का नियमानुसार त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए, ताकि नागरिकों को अपने प्रकरणों की जानकारी प्राप्त करने में आसानी हो। आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिकारियों को सरल प्रक्रिया अपनाते हुए नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना चाहिए।
कलेक्टर ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और अनावश्यक देरी के कारणों को दूर करने को कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गंभीरता बरतने, पारदर्शिता बनाए रखने तथा आम नागरिकों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कवर्धा एसडीएम चेतन साहू, तहसीलदार परमेश्वर मांडवी, नायब तहसीलदार विकास जैन उपस्थित रहे।


