

सुदूर वनांचल पोलमी के खेत में पहुंचीं कलेक्टर, नॉन-डीसीएस फसलों के सत्यापन का किया निरीक्षण
शत-प्रतिशत पारदर्शी एवं त्रुटिरहित सर्वे सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
कवर्धा खबर योद्धा।। कबीरधाम जिले में नॉन-डीसीएस फसलों के भौतिक सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने पंडरिया विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र ग्राम पोलमी में खेत में पहुंचकर नॉन-डीसीएस फसलों के भौतिक सत्यापन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सर्वेयर एवं हल्का पटवारी द्वारा की जा रही ई-गिरदावरी की प्रक्रिया को मौके पर देखा और सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी ली।

ग्राम पोलमी में कृषक श्री मदन के खसरा नंबर 176/1 में नॉन-डीसीएस फसल का भौतिक सत्यापन किया जा रहा था। कलेक्टर ने सर्वेयर से खेत में दर्ज की जा रही जानकारी, फसल के रकबे और डिजिटल सर्वे की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि खेत में दर्ज प्रत्येक जानकारी मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने शत-प्रतिशत, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित सर्वे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत सर्वेयर खेत में पहुंचकर भूमि का विवरण एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं। इसके साथ ही खेत की फोटो भी अपलोड की जा रही है। दर्ज जानकारी का पटवारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से प्रत्येक खेत में बोई गई फसल और उसके रकबे का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सर्वे कार्य को गुणवत्तापूर्वक और समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। डिजिटल क्रॉप सर्वे से जिले में उत्पादन संबंधी अद्यतन आंकड़े उपलब्ध होंगे। इन आंकड़ों का उपयोग फसल बीमा, फसल क्षति के आकलन, कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा आगामी धान खरीदी की प्रभावी योजना तैयार करने में किया जा सकेगा। इस दौरान एसडीएम श्री अमित नाथ योगी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्माणाधीन पंचायत भवन का किया निरीक्षण
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने ग्राम पोलमी में निर्माणाधीन पंचायत भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पंचायत भवन के निर्माण कार्य की प्रगति, निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री और कार्य की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य को समय-सीमा में पूर्ण कराने पर भी जोर दिया।






