

कवर्धा में अस्पताल परिसर में घुसा तेंदुआ, महिला पर किया हमला; बाथरूम में छिपा, देर रात जंगल में छोड़ा गया
कवर्धा खबर योद्धा।। छत्तीसगढ़ के कवर्धा शहर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्नेहा हॉस्पिटल परिसर में एक तेंदुआ घुस आया। तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलते ही अस्पताल और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक महिला के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि सुबह करीब 11 बजे स्नेहा हॉस्पिटल परिसर में तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुए ने अस्पताल परिसर में मौजूद यशोदा बाई नाम की महिला पर पंजा मार दिया, जिससे वह घायल हो गईं। चोट गंभीर नहीं थी और अस्पताल में ही उन्हें तत्काल उपचार दिया गया। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से काबू करने की कार्रवाई शुरू की।
अस्पताल के बाथरूम में छिपा तेंदुआ
वन विभाग की टीम की तत्परता से तेंदुआ पार्किंग से लगे अस्पताल के एक बाथरूम में जा छिपा। उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए बिलासपुर से विशेष रेस्क्यू टीम भी कवर्धा पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए, जिन्हें पुलिस और वन विभाग की टीम ने पीछे हटाया।
सीसीटीवी में पार्किंग में उतरता दिखा तेंदुआ
घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में तेंदुआ अस्पताल की ऊपरी सीढ़ियों से नीचे पार्किंग की ओर उतरता दिखाई दिया। इसके बाद वह अस्पताल परिसर में इधर-उधर घूमता रहा। शहर के बीचोंबीच तेंदुआ पहुंचने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
तेंदुए की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। डीएफओ निखिल अग्रवाल और एसपी जितेंद्र यादव भी मौके पर मौजूद रहे। भीड़ को नियंत्रित कर रेस्क्यू क्षेत्र को सुरक्षित किया गया, ताकि अभियान के दौरान किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
नर तेंदुआ था, उम्र 5.5 वर्ष
डीएफओ निखिल अग्रवाल के अनुसार रेस्क्यू किया गया तेंदुआ नर था और उसकी उम्र 5.5 वर्ष थी। बिलासपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन की मदद से तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित पिंजरे में रखा। वन विभाग के कर्मचारियों ने भी रेस्क्यू में सक्रिय भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद भोरमदेव में छोड़ा
रेस्क्यू के बाद तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। इसके बाद देर रात उसे सुरक्षित रूप से भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया गया। सुबह अस्पताल परिसर में शुरू हुआ घटनाक्रम तेंदुए की सुरक्षित जंगल वापसी के साथ समाप्त हुआ। इस दौरान विभाग की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और तेंदुए को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रेस्क्यू करना रही।






