
1600 पद खाली, फिर भी दूसरी सूची का इंतजार; पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों ने कवर्धा में रोकी राह

भारत माता चौक से कलेक्ट्रेट तक पहुंचने निकले सैकड़ों अभ्यर्थी, बैरिकेडिंग पर सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन; बोले—पद रिक्त हैं तो नियुक्ति का रास्ता क्यों बंद?
कवर्धा खबर योद्धा।। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 में रिक्त बताए जा रहे करीब 1600 पद अब उन अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गए हैं, जो चयन की अगली सूची का इंतजार कर रहे हैं। इसी सवाल को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर के अभ्यर्थी कवर्धा की सड़कों पर उतर आए। भारत माता चौक से कलेक्टर कार्यालय की ओर रैली लेकर निकले अभ्यर्थियों को सर्किट हाउस के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और दूसरी चयन सूची जारी करने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। खबर लिखे जाने तक अभ्यर्थी मौके पर डटे रहे और दूसरी ओर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।

5967 पदों की भर्ती में 1600 पदों का सवाल
अभ्यर्थियों के अनुसार जिला पुलिस बल आरक्षक संवर्ग भर्ती 2023-24 में कुल 5967 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। उनका कहना है कि करीब 4367 पदों पर चयन और नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन लगभग 1600 पद अब भी रिक्त बताए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों का एक से अधिक जिलों की चयन सूची में नाम आने तथा अन्य कारणों से कई पद खाली रह गए। ऐसे में रिक्त पदों को प्रतीक्षा सूची के पात्र अभ्यर्थियों से भरने का अवसर दिया जाना चाहिए।
सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, इंतजार की सीमा का
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद अब दूसरी सूची की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि यदि स्वीकृत पदों में से कुछ पद नियुक्ति के बाद भी खाली हैं तो उन पदों को लंबे समय तक रिक्त रखने के बजाय नियमों के तहत प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाना चाहिए। लंबे इंतजार के कारण अभ्यर्थियों में असमंजस और निराशा बढ़ रही है।
रैली रोकी तो सड़क बनी प्रदर्शन स्थल
अभ्यर्थी भारत माता चौक से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे। सर्किट हाउस के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर रिक्त पदों पर दूसरी सूची या प्रतीक्षा सूची के माध्यम से चयन की मांग की।
हाईकोर्ट के निर्देश का भी हवाला
अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन में बिलासपुर हाईकोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए सरकार से मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को काफी समय बीत चुका है और अब रिक्त पदों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
तहसीलदार ने लिया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों से तहसीलदार परमेश्वर मंडावी ने ज्ञापन लिया और उसे शासन तक भेजने की बात कही। हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल ज्ञापन से बात खत्म नहीं होगी। वे रिक्त पदों पर दूसरी सूची जारी होने का स्पष्ट निर्णय चाहते हैं। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था और मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही।





