फर्जी शिकायत के आधार पर झोपड़ीनुमा मकान तोड़े जाने का आरोप, वनमंडलाधिकारी से कार्रवाई की मांग
कवर्धा खबर योद्धा।। ग्राम खारा विकासखंड बोडला निवासी सुन्दरलाल झारिया ने वनमंडलाधिकारी कवर्धा को आवेदन सौंपकर फर्जी शिकायत के आधार पर उनके झोपड़ीनुमा मकान को तोड़े जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा निवास भूमि का पट्टा प्रदान करने की मांग की है।
आवेदन में सुन्दरलाल झारिया ने बताया कि वह पिछले लगभग 35 वर्षों से ग्राम खारा में अपने परिवार सहित निवास कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शासकीय वनभूमि पर बने उनके झोपड़ीनुमा मकान को वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक कथित शिकायत के आधार पर तोड़ दिया गया। शिकायत में पंचों के नाम दर्ज किए गए हैं, लेकिन पंचनामा में एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर होने का दावा करते हुए उन्होंने पूरे प्रकरण को फर्जी बताया है।

उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर उनका मकान था, वहां अन्य निर्माण भी मौजूद हैं, लेकिन केवल उनके मकान को ही क्षतिग्रस्त किया गया। इससे उनके साथ व्यक्तिगत रंजिश के चलते कार्रवाई किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है।

सुन्दरलाल झारिया के अनुसार मकान टूटने के बाद उनका परिवार भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। उन्होंने बताया कि मकान के पीछे फेसिंग तार लगाकर घेरा बना दिया गया है, जबकि वे अभी भी शेष बचे स्थान पर निवास कर रहे हैं।
आवेदक ने यह भी उल्लेख किया है कि उन्होंने जन चौपाल सहित विभिन्न माध्यमों से अपने निवास स्थल के पट्टे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसकी जांच के बाद पट्टा दिया जाना था, लेकिन अब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सका है।
उन्होंने वनमंडलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कर फर्जी शिकायत करने वालों एवं मकान तोड़ने के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा उनके निवास स्थल का पट्टा प्रदान करने की मांग की है।


