आम के प्रदर्शनी में जमादार ,सरदार, देसी गिलास, फकीरा, लड्डू जैसे अजीबोगरीब नाम के आम ने लोगों का ध्यान खींचा

आम के प्रदर्शनी में जमादार ,सरदार, देसी गिलास, फकीरा, लड्डू जैसे अजीबोगरीब नाम के आम ने लोगों का ध्यान खींचा

आयोजकों को आम प्रेमियों ने 14 हज़ार आम की गुठली भेंट किया

 

रायपुर खबर योद्धा।। अजीबोगरीब आम के नाम की प्रदर्शन के साथ ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय राजधानी रायपुर में आयोजित तीन आदिवासी राष्ट्रीय आम महोत्सव का शानदार समापन हो गया। राष्ट्रीय आम महोत्सव में लगभग 400 प्रकार के प्रजातियों के आम नागरिकों को देखने को मिला परंतु कुछ आम अपने आकार के कारण तो कुछ आम अपने नाम के कारण आकर्षण का केंद्र रहा। 

 

  टॉमी एटकिंस यूनाइटेड किंगडम और कैलिफोर्निया के इस आम के नाम को सुनो तो ऐसा लगता है जैसे किसी कुत्ते का नाम रखा गया है। आकर्षक रंग के साथ-साथ यह बेहद स्वादिष्ट भी होते हैं। फ्लोरिडा शहर के टामी एटकिन्स के अलावा देशी गिलास, लड्डू , जमादार, सरदार, फकीरा, महमूद, टेन्नरु, बेलहा, चापड़ा बीजू, तिलका भदैया, हुस्नारा, मल्लिका, लखनऊवा, मिठुआ और छत्तीसगढ़ का हाथी झूल आम और आम प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहे। 

देसी गिलास आम – थोड़े गोल और छोटे गिलास जैसे दिखते के कारण इसे देसी गिलास आम दिया गया है। भारत के अलावा, इस प्रजाति के आम बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान के उपमहाद्वीपीय क्षेत्रों में भी होते है। जमादार नाम का आम भी कौतूहल का विषय था। जमादार आम भारत में पाई जाने वाली आम की एक अनूठी और दुर्लभ किस्म है। यह विशेष रूप से अपने शानदार स्वाद और मीठे, रसीले गूदे के लिए जानी जाती है। 

चापड़ा बीजू आम वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, बक्सर, भागलपुर, सारण, गोपालगंज, सिवान, बेगूसराय, पटना, सीतामढ़ी, शिवहर और रोहतास जैसे जिलों में उत्पादन होता है।

 लड्डू आम’ बड़े बेर के बराबर आकार का यह आम बस्तर क्षेत्र में पाई जाने वाली आम की एक बहुत ही छोटी, मीठी और सुगंधित किस्म है। इसी प्रकार से बस्तर बीजापुर का हाथी झूल आम विश्व प्रसिद्ध है । एक आम का वजन 8 से 10 किलो तक का होता है।

झलकियां

इस अजीबो गरीब नाम के आम को प्रदर्शित करने में आठ राज्यों के किसान व आम उत्पादक महोत्सव में शामिल हुए थे। 

जापान का मियांजाकी आम एक बार फिर आकर्षण का केंद्र रहा । विश्व बाजार में इसके 1 किलो की कीमत 3 लाख से ऊपर बताई जाती है।

प्रकृति की और सोसाइटी संस्था के द्वारा 11 आम की गुठलियों लाने पर एक आम दिया जा रहा था । संस्था के अध्यक्ष मोहन वल्यानी ने बताया कि नागरिकों के द्वारा लगभग 14 हज़ार आम की गुठलियां दी गई।

आयोजकों के द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए श्री कृष्ण मित्र मंडल रायपुर नया सवेरा जनकल्याण समिति बलोदा बाजार और पर्यावरण प्रेमी संगठन बेमेतरा छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया।

आयोजन को सफल बनाने में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति उनके समस्त स्टाफ , प्रकृति की ओर सोसायटी और IGKV के विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

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