खबर का असर- जांच समिति गठित
पर्यवेक्षक 56 बोरी रेडी टू इट ले गई और मुख्यमंत्री कन्यादान विवाहित जोड़ो पर पैसा भी मांग रही । कार्यकर्ता अपने शिकायत पर अडिग
रायपुर खबर योद्धा विद्या भूषण दुबे। जहां मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार पर जीरो टारलेस के लिए प्रयासरत है तो वहीं राजधानी में महिला बाल विकास विभाग की एक पर्यवेक्षक पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के प्रति जोड़े पांच हजार रुपये की मांगने शिकायत हुई है।

उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास कचना सेक्टर की पर्यवेक्षक पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के विवाहित जोड़ों पर 5 हज़ार रुपये की मांग करने , रेडी टू इट को अपने घर लेजाने और कार्यकर्ताओं को आर्थिक रूप से परेशान करने का मामला ख़बरयोद्धा में खबर आने के बाद आनन फानन में पर्यवेक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

इतना ही नहीं जब संचालक को मामले की जानकारी दी गई तब कही जाकर जांच समिति गठित की गई। विदित हो कि शिकायत मिलने के बाद भी DPO के द्वारा 15 दिनों से दबाकर रखा गया था उसे ख़बरयोद्धा ने सार्वजनिक कर राजधानी में खलबली मचा दी है।
जांच समिति गठन के आदेश की प्रति dpo शैल ठाकुर से आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। ख़बरयोद्धा के सूत्रों के अनुसार जांच समिति में धरसींवा की cdpo अलका सक्सेना और मंदिरहसौद की cdpo दीप्ति शुक्ला को शामिल किया गया है। इसके अलावा जिला मुख्यालय में संलग्न एक पर्यवेक्षक को भी समिति में रखा जाना बताया जाता है।
बताया जाता है कि जांच समिति के द्वारा 26/27 मई को शिकायतकर्ता कार्यकर्ताओं को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। पता चला है कि ज्यादातर शिकायतकर्ता अपने शिकायत पर कड़ा रुख अख्तियार किए हुए हैं। यदि सूत्रों पर यकीन करें तो पर्यवेक्षक के द्वारा जनवरी महीने में 28 आंगनबाड़ी केंद्रों से 2-2 बोरी के हिसाब से 56 बोरी रेडी टू ईट को सड्डू के एक केंद्र में रखवाया गया, जिसे बाद में वो कहीं ले गई। बयान में इसी प्रकार से फरवरी महीने में यही प्रक्रिया दोहराई जाने की बात कही गई है। अपने पर्यवेक्षक के विरुद्ध शिकायत करने वाले कार्यकर्ता मुख्यमंत्री विवाहित प्रति जोड़ा पांच हजार रुपए की मांग और अन्य कमीशन खोरी वाली शिकायत टीए बिल में 50 % गर्म भोजन में 20 % कमीशन जैसी शिकायत को अपने बयान में सही बता रहे हैं।
*जिला कार्यालय शक के दायरे में -* जिला कार्यालय शुरू से इस मामले में शक के दायरे में है। ख़बरयोद्धा के पास प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार 56 कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के द्वारा 8 मई को जिला कार्यक्रम अधिकारी से लिखित शिकायत की गई। बावजूद मामले को 15 दिनों तक दबाए रखा गया। जब ख़बरयोद्धा के द्वारा इसका भंडाफोड़ किया गया तो नोटिस जारी करने और जांच समिति गठन की प्रक्रिया अपनाई गई। इधर जांच समिति अपना काम कर रही है उधर ख़बरयोद्धा की नज़र जांच प्रक्रिया पर लगी हुई है।


