गुरुकुल पब्लिक स्कूल, महाराजपुर और अशोका पब्लिक स्कूल, मजगांव प्रबंधन ने अपनी स्थिति स्पष्ट
RTE प्रवेश प्रकरण पर स्कूल प्रबंधन का पक्ष: तकनीकी त्रुटि को बनाया गया अनावश्यक विवाद
कवर्धा खबर योद्धा ।। कबीरधाम जिले में RTE प्रवेश प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच गुरुकुल पब्लिक स्कूल, महाराजपुर और अशोका पब्लिक स्कूल, मजगांव प्रबंधन ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए आरोपों को भ्रामक और अतिरंजित बताया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह मामला किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई धांधली का नहीं, बल्कि पोर्टल आधारित प्रक्रिया में हुई एक तकनीकी त्रुटि का है, जिसे अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
स्कूल प्रबंधन का स्पष्टीकरण
प्रबंधन के अनुसार RTE प्रवेश की संपूर्ण प्रक्रिया राज्य शासन के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होती है, जिसमें हैबिटेशन कोड, मैपिंग और लोकेशन जैसी प्रविष्टियां सिस्टम आधारित होती हैं। विद्यालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई मूल जानकारी ग्रामीण क्षेत्र के अनुरूप ही थी। यदि पोर्टल पर किसी हैबिटेशन कोड का असंगत प्रदर्शन हुआ है, तो वह तकनीकी या सिस्टम मैपिंग की त्रुटि हो सकती है, न कि विद्यालय द्वारा की गई किसी प्रकार की जानबूझकर हेराफेरी।

स्कूल का कहना है कि:
विद्यालयों ने कभी स्वयं को शहरी क्षेत्र में प्रदर्शित करने का प्रयास नहीं किया।
सभी प्रवेश शासन के निर्धारित पोर्टल, समय-सारणी और नियमों के अनुसार हुए।
किसी भी छात्र का चयन विद्यालय स्तर पर नहीं, बल्कि पोर्टल आधारित लॉटरी प्रणाली से होता है।
यदि कोड में त्रुटि थी, तो उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी पोर्टल सत्यापन से जुड़े अधिकारियों की भी बनती है।
जांच रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया
प्रबंधन का कहना है कि जांच समिति की रिपोर्ट में “गंभीर त्रुटि” शब्द का प्रयोग किया गया है, परंतु यह कहीं भी यह सिद्ध नहीं करता कि विद्यालय ने जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया। रिपोर्ट में प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन की कमी का भी उल्लेख है, जो यह दर्शाता है कि यह एक सामूहिक प्रक्रिया की चूक है।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी कहा कि वे जांच में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं और यदि किसी स्तर पर सुधार की आवश्यकता है, तो उसे स्वीकार करते हुए भविष्य में और अधिक सावधानी बरती जाएगी।
राजनीतिक आरोपों पर आपत्ति
प्रबंधन ने युवा कांग्रेस द्वारा लगाए गए कमीशन और संरक्षण जैसे आरोपों को निराधार और मानहानिकारक बताया है। उनका कहना है कि बिना किसी प्रत्यक्ष प्रमाण के इस प्रकार के आरोप लगाना शिक्षा संस्थानों की छवि धूमिल करने का प्रयास है।
पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता
दोनों स्कूलों ने स्पष्ट किया है कि वे RTE सहित सभी शैक्षणिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हैं और जिला प्रशासन द्वारा सुझाई गई किसी भी नई सत्यापन प्रणाली का स्वागत करते हैं। प्रबंधन ने अभिभावकों और आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और तथ्यात्मक स्थिति को समझें।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह मामला तकनीकी त्रुटि का है, न कि किसी सुनियोजित धांधली का, और वे निष्पक्ष जांच एवं प्रशासनिक निर्देशों के पालन के लिए तैयार हैं।
