पर्यावरण के धुरंधर, जिनसे गंदगी कांपती है और कचरा भय खाता है
जल दिवस पर विद्या भूषण दुबे की खास रिपोर्ट
रायपुर खबर योद्धा।। इन दिनों थिएटर में धुरंधर दो की धूम मची हुई है मैं आज ऐसे ही पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले तीन धुरंधर से आपको मिलवाने जा रहा हूं। आप सबने संतूर का विज्ञापन देखा होगा क्या करें उम्र का पता ही नहीं चलता- – कुछ ऐसे ही पर्यावरण के यह तीन धुरंधर इन पर उम्र का कोई असर नहीं होता।
श्री डिक्सन एमानुएल, श्री के बी अग्रवाल और भारतराम साहू
रायपुर राजधानी का जाना पहचाना क्षेत्र अमलीडीह इन तीनों की कर्मभूमि तब से है जब यह क्षेत्र नगर निगम में शामिल नहीं था और दूसरी बात ये पर्यावरण व स्वच्छता के लिए उस समय से काम कर रहे हैं जब ग्रीन – – -नामक संस्था रायपुर में पैदा भी नहीं हुई थी।

★अमलीडीह गार्डन की सफाई, तालाब की सफाई, मुक्तिधाम की सफाई, पौधारोपण इनके रोजमर्रा के जीवन में शामिल हैं। ये बिना किसी स्वार्थ के नगर निगम की सहायता करते आ रहे हैं। इन्हें इस बात की चिंता नहीं की कचरा साफ करते देख लोग क्या कहेंगे ? इन पर मौसम का असर नहीं पड़ता ठंड , गर्मी या हो बरसात सब मौसम में अपने धुन के पक्के
काम करते समय श्री अग्रवाल, श्री डिक्सन और श्री साहू का आपसी तालमेल ऐसे दिखाई देता है जैसे फेविकोल का जोड़ हो।

डिक्सन एमानुएल
78 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके डिक्सन एमानुएल बेहद स्वस्थ हैं लगभग पौने सात फीट ऊंचाई के श्री डिक्शन वर्ष 2009 में सेक्शन इंजीनियर पद से साउथ ईस्टर्न रेलवे रायपुर से सेवानिवृत हुए । सेवानिवृत होने के बाद पर्यावरण के क्षेत्र में इनका आना हुआ और *पिछले 17 वर्षों से पर्यावरण/स्वच्छता अभियान के लिए कार्य कर रहे हैं।* छठ पूजा समिति के अध्यक्ष लेखमणी सिंह जी की प्रेरणा से इन्होंने अमलीडीह गार्डन का रुख किया और नगर निगम के सच्चे सजग प्रहरी के तौर पर काम कर रहे हैं।

के बी अग्रवाल
76 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके श्री के बी अग्रवाल (कुंज बिहारी अग्रवाल) वर्ष 2010 में वन विभाग से सहायक ग्रेड एक रायपुर से सेवानिवृत हुए । सेवानिवृत होने के बाद इन्होंने अपना समय पर्यावरण के लिए लगाना उचित समझा और पिछले 16 वर्षों से वार्ड नंबर 52 के गार्डन, मुक्तिधाम व अन्य सार्वजनिक स्थानों में इन्हें श्री डिक्सन के साथ काम करते देखा जा सकता है।

भारतराम साहू
64 वर्षीय भरतराम राम साहू को पर्यावरण के क्षेत्र में काम करते 26 वर्ष होने जा रहा है। बातचीत के दौरान श्री साहू ने बताया कि वर्ष 2000 में राधा स्वामी के आयोजित एक सत्संग में स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने के लिए दीक्षा लेने के बाद उनके द्वारा तालाब , बगीचा,
मुक्तिधाम आदि में पेड़ पौधे लगाने साफ सफाई करने का काम किया जा रहा है । पेशे से बढ़ाई का काम करने वाले श्री साहू बोरियाकला स्थित शंकराचार्य आश्रम और राजधानी के प्रसिद्ध श्री राम मंदिर में भी साफ सफाई करने के लिए समय निकाल कर जाते हैं।
आश्चर्य की बात अपनी धुन के तीन धुरंधर की ओर नगर निगम की नज़र कभी नहीं गई ?
हालात के कदमों पर धुरंधर नहीं गिरता
टूटे जो आसमान में तारा तो जमीं पर नहीं गिरता
