कबीरधाम तक फैली अफीम तस्करी की जड़ें: पालक ढाबे पर छापा, राजस्थान का आरोपी गिरफ्तार; 42 हजार नकद बरामद, 7 आरोपी अब तक दबोचे
कवर्धा खबर योद्धा।। दुर्ग जिले में उजागर हुई अवैध अफीम खेती और तस्करी का नेटवर्क अब कबीरधाम जिले तक फैलने की पुष्टि होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। जांच की परतें खुलने के साथ पुलिस की कार्रवाई चिल्फी मार्ग के ग्राम पालक तक पहुंची, जहां एक ढाबे से अफीम डोडा चोरी की बिक्री किए जाने का खुलासा हुआ। पुलिस ने छापा मारकर राजस्थान के एक आरोपी को गिरफ्तार किया और काउंटर से 42 हजार रुपये नकद बरामद किए। अब तक इस पूरे प्रकरण में 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस अफीम की अवैध खेती से लेकर उसकी बिक्री और परिवहन तक फैले नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी सामने आया है कि ढाबों को तस्करी के सुरक्षित ठिकानों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां से अलग-अलग इलाकों में अफीम डोडा की सप्लाई की जा रही थी।

दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा–झेनझरी गांव में अवैध अफीम खेती का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने लगातार कार्रवाई शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में ही स्पष्ट हो गया था कि यह मामला केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित तस्करी का पूरा नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विकास बिश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर और छोटूराम सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद 15 मार्च को हुई कार्रवाई में रणछोड़ राम उर्फ रणजीत और सुनील देवासी को भी पकड़ा गया।
पूछताछ में खुला पालक ढाबे का राज
पुलिस रिमांड पर लिए गए विकास बिश्नोई से पूछताछ के दौरान कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र के ग्राम पालक का नाम सामने आया। आरोपी ने बताया कि चिल्फी रोड पर बंजारी माता मंदिर के पास स्थित एक राजस्थानी भोजनालय ढाबे में अफीम डोडा चोरी की बिक्री की जा रही थी। यह ढाबा मदरूपा राम विश्नोई द्वारा संचालित किया जा रहा था।
सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने 16 मार्च को गवाहों की मौजूदगी में ढाबे पर छापा मारा। तलाशी के दौरान काउंटर से 42 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि यह रकम अफीम डोडा चोरी की बिक्री से प्राप्त हुई थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने मदरूपा राम विश्नोई (45) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर जिले का निवासी बताया जा रहा है।
ढाबों को बनाया गया तस्करी का सुरक्षित ठिकाना
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि अफीम तस्करी का यह नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था। दो दिन पहले ही धमधा–बेमेतरा मार्ग के दो ढाबों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की थी। वहां से भी नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़ी रकम बरामद होने के बाद आरोपियों पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 27(ए) जोड़ी गई, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ढाबों का चयन इसलिए किया गया था क्योंकि यहां लगातार वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है, जिससे अवैध कारोबार को छिपाना आसान हो जाता है।
कबीरधाम कनेक्शन की गहराई से जांच
दुर्ग जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि अवैध अफीम खेती के इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र के ग्राम पालक स्थित ढाबे का कनेक्शन भी सामने आया है, जहां अफीम डोडा चोरी की बिक्री होने के प्रमाण मिले हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और संबंधित जिलों की पुलिस को भी जानकारी साझा की गई है। अफीम की खेती से लेकर उसकी बिक्री और सप्लाई तक जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध नशे का कारोबार सीमाओं से परे फैल चुका है और इसके तार कई जिलों तक जुड़े हुए हैं। अब जांच एजेंसियों का लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
