बाल श्रम मुक्ति के लिए जागरूकता रथ रवाना
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के साझा प्रयासों से अब बाल श्रम, बाल विवाह मुक्त बनेगा कबीरधाम
कवर्धा खबर योद्धा।। जिले को बाल श्रम ,बाल विवाह के अभिशाप से मुक्त करने और बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर ने बुधवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर से ‘बाल श्रम मुक्ति जागरूकता रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूर्व में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह अभियान ‘एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन’ कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के ‘पैन इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन फॉर एराडिकेशन ऑफ चाइल्ड एंड एडोलसेंट लेबर’ के अंतर्गत चलाया जा रहे अभियान का समर्थन करता है, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में बाल श्रम पर पूर्णतः रोक लगाना है। कृषक सहयोग संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए जमीन पर काम कर रहे 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है।

बच्चे देश का भविष्य , कलेक्टर
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा बच्चे देश का भविष्य हैं और उनका स्थान कारखानों या दुकानों में नहीं, बल्कि स्कूलों में है। बाल श्रम न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह एक बच्चे के मौलिक अधिकारों का हनन भी है। कबीरधाम जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस जागरूकता रथ का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक यह संदेश पहुँचाना है कि बच्चों से मजदूरी कराना उनके बचपन को छीनना है। मैं जिले के सभी नागरिकों, व्यापारियों और नियोक्ताओं से अपील करता हूँ कि वे इस मुहिम में सहभागी बनें और यदि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिले, तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने इस अवसर पर बाल श्रम के खिलाफ तैयार किए गए विशेष जागरूकता पोस्टरों का विमोचन भी किया और संस्था के प्रयासों की सराहना की।
जागरूकता रथ का उद्देश्य और कार्ययोजना
कार्यक्रम के दौरान बाल श्रम मुक्ति रथ यात्रा के संयोजक आशु चंद्रवंशी ने बताया कि इस रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न क्षेत्रों और शहरी बस्तियों में जाकर लोगों को बाल श्रम कानून के प्रति जागरूक करना है। रथ में लगे लाउडस्पीकर, पोस्टरों और वितरण किए जाने वाले पर्चों के माध्यम से शासन के कड़े निर्देशों की जानकारी दी जाएगी।इसके साथ ही 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराने पर होने वाली सजा और जुर्माने के प्रावधानों के बारे में लोगों को बताया जाएगा।संकटग्रस्त और श्रम में लगे बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में प्रशासन की मदद करना है। यह रथ जिले के विभिन्न हाट-बाजारों, बस स्टैंडों और संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रमण कर जन-संवाद स्थापित करेगा।इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंचल यादव, बाल संरक्षण अधिकारी क्रांति साहू, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन से खेमलाल खटर्जी, जिला समन्वयक ललित सिन्हा उपस्थित रहे।
