तीन दिन से एक दिन तक सिमटा भोरमदेव महोत्सव, घटती कार्यक्रम की भव्यता पर उठने लगे सवाल
कवर्धा खबर योद्धा।। भोरमदेव महोत्सव, जो कभी तीन दिनों तक भव्य रूप में आयोजित होता था, अब सिमटकर मात्र एक दिन का रह गया है। वर्षों से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस महोत्सव की पहचान उसकी भव्यता और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से रही है।

पूर्व शासनकाल 2024 में जहां यह महोत्सव आचार संहिता के चलते अनुमति लेट से मिलने के कारण दो दिनों तक आयोजित किया गया, इसके साथ ही 2025 में भी शानदार आयोजन रहा । वहीं वर्तमान समय 2026 में यह केवल एक दिन में सीमित होकर रह गया है। इसके चलते आयोजन की चमक और आकर्षण में लगातार कमी देखने को मिल रही है।
पिछले तुलना में इस बार महोत्सव की रौनक फीकी नजर आई। पहले जहां बड़े कलाकारों की प्रस्तुतियां, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विविधता और व्यापक जनसहभागिता देखने को मिलती थी, वहीं अब आयोजन का दायरा सीमित होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों और दर्शकों का कहना है कि जिस भव्यता और गरिमा के साथ भोरमदेव महोत्सव आयोजित होता था, वह अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है। ऐसे में आवश्यकता है कि इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजन को पुनः उसके पुराने स्वरूप और भव्यता के साथ आयोजित किया जाए, ताकि इसकी पहचान और आकर्षण बना रहे। वर्तमान में आयोजित कार्यक्रम को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है । इसके साथ ही लोगों ने भूपेश बघेल के कार्यकाल के समय में आयोजित भोरमदेव महोत्सव को लेकर चर्चा भी किया ।
