कलेक्टर के अनुमोदित आदेश का पालन एक वर्ष बाद भी नहीं, मनमानी पर उतरे स्वास्थ्य अधिकारी
रायपुर खबर योद्धा विद्या भूषण दुबे। स्वास्थ्य विभाग में किसी न किसी आदेश को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती है । वर्तमान में जो आदेश वायरल हो रहा है उसके अनुसार कलेक्टर के अनुमोदित आदेश के बावजूद चारों विकास खंड के बीपीएम एक वर्ष बाद भी खंड चिकित्सा अधिकारियों के द्वारा मूल स्थान के लिए कार्य मुक्त नहीं किए गए हैं। या खड़ी बोली में यह कहा जाए की कलेक्टर के द्वारा अनुमोदित आदेश को भी ठेंगा दिखाने में जिले के प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी भी गुरेज नहीं करते।

दरअसल मामला कुछ यूं है कि पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मुखर्जी के कार्यकाल में चारों विकास खंड के बीपीएम लोगों के एक दूसरे के स्थान में संलग्न कर दिया गया था। कालांतर में जनवरी 2025 में कलेक्टर के अनुमोदन के बाद बीपीएम लोगों को उनके मूल स्थान के लिए कार्यमुक्त किए जाने हेतु बीएमओ लोगों को आदेशित किया गया।
यहां उल्लेखनीय बात यह है कि आदेश जारी होने के कुछ ही दिनों के बाद नगरीय निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो गया। आचार संहिता लागू होने के कारण इन लोगों को रिलीव नहीं किया जा सका। बहरहाल चुनाव हुए भी 1 वर्ष बीत चुके हैं उसके बावजूद बीपीएम लोगों को उनके मूल स्थान के लिए रिलीव नहीं किया गया है। खबर योद्धा के पास जो उड़ती जानकारी मिली है उसके अनुसार दो बीपीएम अपने मूल स्थान के लिए लौटना नहीं चाहते और यही से सारा खेल खेला जा रहा है। इस खेल में खंड चिकित्सा अधिकारियों के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता। राजधानी के रिपोर्टर ने इस संबंध में जब अधिकारियों से बात की तो उन सभी से अलग अलग जवाब मिला।
खंड चिकित्सा अधिकारियों से सीधी बात
राजधानी रिपोर्टर विद्याभूषण दुबे –
कलेक्टर के अनुमोदित आदेश के बाद भी BPM लोगों को कार्यमुक्त क्यों नहीं किया गया है ?
BPM लोगों को मूल स्थान के लिए कार्यमुक्त करने संबंधित आदेश का पालन चारों विकासखंड के खंड चिकित्सा अधिकारियों के द्वारा नहीं किया गया है । उस आदेश पर आगे मैं क्या कार्रवाई कर सकता हूं देखता हूं।
BMO एस लोहारा
बीपीएम लोगों को उनके मूल सदस्य स्थान में भेजे जाने का आदेश CMHO कार्यालय से जारी हुआ है इसकी जानकारी मुझे नहीं है । एक बार आप सीएमएचओ सर से बात कर लिए होते।
BMO – बोड़ला
आदेश जारी होने के तत्काल बाद नगरी निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो गया था जिसके कारण बीपीएम लोगों को कार्य मुक्त नहीं किया जा सका। आदेश पुराना है सीएमएचओ बदल गए हैं, इसलिए इस संबंध में नए सीएमएचओ से मार्गदर्शन लेकर कुछ बता सकूंगा।
BMO कवर्धा
CMHO कार्यालय से आदेश तो मिला है परंतु मार्च महीने में कार्यमुक्त करना संभव नहीं है। अप्रेल में रिलीव किया जा सकता है।
BMO पंडरिया
