परीक्षा से पहले विद्यार्थियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
पवन देवांगन :कम समय में अधिक अंक पाने के लिए अपनाएं ये महत्वपूर्ण उपाय
कवर्धा खबर योद्धा।। परीक्षा का समय विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही मेहनत पर पानी फेर सकती है,वहीं सही रणनीति अपनाकर कम समय में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अशोका पब्लिक स्कूल,कवर्धा के संचालक एवं वरिष्ठ शिक्षाविद (लगभग 30–35 वर्षों के शिक्षण अनुभव) पवन देवांगन ने नगर के समस्त विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया में तकनीकी बदलाव भी हो रहे हैं। सीबीएसई द्वारा कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम (On-Screen Marking System) से करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इस प्रणाली में विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को स्कैन कर उनकी डिजिटल प्रतियां तैयार की जाएंगी और सुरक्षित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद परीक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर उत्तर देखकर मूल्यांकन करेंगे। इस नई व्यवस्था से मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी,समय की बचत होगी तथा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल मूल्यांकन के इस दौर में विद्यार्थियों की लिखावट एवं उत्तर प्रस्तुति पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। यदि लिखावट अस्पष्ट होगी, शब्दों के बीच दूरी सही नहीं होगी या अधिक कटिंग-ओवरराइटिंग होगी, तो स्कैन कॉपी में उत्तर पढ़ने में कठिनाई हो सकती है,जिससे विद्यार्थी विषय जानते हुए भी अपेक्षित अंक से वंचित रह सकते हैं।
संचालक ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि परीक्षा में साफ-सुथरी लिखावट रखें,उत्तर क्रमवार लिखें,मुख्य बिंदुओं को अंडरलाइन करें तथा जहां आवश्यक हो वहां स्पष्ट आरेख (Diagram) बनाएं। उत्तर को बिंदुवार एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने से परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
पढ़ाई के संदर्भ में उन्होंने कहा कि केवल अधिक पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित रिवीजन (दोहराई) करना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। विद्यार्थियों को समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए तथा हर 40–50 मिनट में 5–10 मिनट का छोटा ब्रेक लेना चाहिए। मोबाइल, गेम और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखना भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने परीक्षा काल में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। विद्यार्थियों को बादाम,किशमिश, दूध,दही,छाछ, मौसमी फल, हरी सब्जियां,गाजर,अंकुरित दालें,चना, मूंगफली तथा अखरोट जैसे पौष्टिक आहार लेना चाहिए। वहीं फास्ट फूड, जंक फूड,अत्यधिक तला-भुना,कोल्ड ड्रिंक तथा अधिक चाय-कॉफी से बचना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी पीना और 6–8 घंटे की नींद लेना आवश्यक है।अंत में उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का एक चरण है, जीवन नहीं। डर और तनाव से बचें, सकारात्मक सोच रखें और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करें। अनुशासन,निरंतर अभ्यास और मेहनत से सफलता निश्चित है।
