अमित जोगी का ‘चूहा खोज’ अभियान—चूहे नहीं मिले, 8 करोड़ का धान ग़ायब!

 अमित जोगी का ‘चूहा खोज’ अभियान—चूहे नहीं मिले, 8 करोड़ का धान ग़ायब!

VIP काग़ज़ी चूहे खा गए धान” : चारभाठा से कलेक्ट्रेट तक अमित जोगी का बड़ा आंदोलन

धान घोटाले पर अमित जोगी का सीधा वार—CBI जांच की मांग

 

कवर्धा – धान खरीदी में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले और प्रशासन की “चूहा थ्योरी” के विरोध में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने बुधवार को व्यापक प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी कार्यकर्ताओं के साथ चारभाठा धान संग्रहण केंद्र पहुँचे और मौके पर प्रतीकात्मक रूप से “चूहा खोज” अभियान चलाया। गोदामों और आसपास के क्षेत्र की पड़ताल के बावजूद एक भी चूहा नहीं मिला, जिससे प्रशासन के दावे पर सवाल और गहरे हो गए।

निरीक्षण के बाद अमित जोगी ने कहा कि “अगर धान चूहों ने खाया होता तो उनके निशान ज़रूर मिलते। यहां तो चूहे नहीं, पर धान काग़ज़ों में गायब है। ये काग़ज़ी VIP चूहे हैं, जिन्होंने धान ही नहीं—ईमान भी खा लिया।” उन्होंने यह भी कहा कि टोकन न कटने से परेशान किसान आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, जबकि जिम्मेदारों को बचाने के लिए बहाने गढ़े जा रहे हैं।

जिलाध्यक्ष सुनील केशरवानी ने कहा कि कवर्धा भ्र्स्टाचार का गढ़ बन गया है कभी सड़क घोटाला हो रहा है कभी शक्कर घोटाला हो रहा है कभी चावल घोटाला हो रहा है अब धान का घोटाला हो गया है ये सब घोटाला यहां के विधायक उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सरंक्षण मे हो रहा है। वर्ष 2024–25 में 22,000 से 26,000 क्विंटल सरकारी धान के गायब होने की बात सामने आई है और सुरक्षा व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद “चूहे खा गए” का दावा प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। यदि निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

 

चारभाठा से लौटकर कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे। कलेक्ट्रेट गेट के सामने धरना देकर नारेबाज़ी की गई। इस दौरान एक के बाद एक तीन “बड़े चूहों” का प्रतीकात्मक खुलासा किया गया—

“मौनीया मुसवा” (आंख-कान बंद), “डिप्टी लबरा मुसवा” (बात रंगीली, काम ढीला) और “महाखाऊ मुसवा” (गोदाम खाली, पेट भारी)।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तीन जिलों में 57 हजार क्विंटल धान (अनुमानित कीमत 21 करोड़ रुपये) गायब है, जबकि GPM जिले में 12 हजार क्विंटल धान (करीब 6 करोड़ रुपये) के गबन का मामला सामने आया है। कार्यक्रम मे बोड़ला ब्लॉक अध्यक्ष डॉ बिहारी पटेल, जगदीश बंजारे, विजय श्रीवास, ईश्वरी डाहिरे, अविनाश भारद्वाज,गोलू भारद्वाज, सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन

संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों पर तत्काल FIR दर्ज हो।

प्रकरण की EOW/ACB अथवा CBI से स्वतंत्र जांच कराई जाए।

धान संग्रहण केंद्र प्रभारी, जिला विपणन/खाद्य अधिकारी सहित दोषियों को तत्काल निलंबित किया जाए।

7–8 करोड़ रुपये (और अन्य आंकी गई राशि) की वसूली कर चल-अचल संपत्ति कुर्क की जाए।

प्रदेशभर के धान गोदामों का विशेष ऑडिट, CCTV, स्टॉक रजिस्टर व भुगतान रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कराई जाए।

जांच पूर्ण होने तक आरोपितों को पदस्थ न रखा जाए और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

जितेन्द्र राज नामदेव

एडिटर इन चीफ - खबर योद्धा

 
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